जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल के अध्यक्ष पराग गाबा ने कहा कि देशभर में कांग्रेस द्वारा चलाए गए “छात्रों की गूंज” अभियान और नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के संघर्ष ने केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जब छात्र एकजुट होते हैं और उनकी लड़ाई को मजबूत नेतृत्व मिलता है, तो सत्ता को जवाब देना ही पड़ता है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 17 जुलाई को कोटा से “छात्रों की गूंज” अभियान की शुरुआत कर देशभर के छात्रों की आवाज़ बुलंद की। इसके बाद यह अभियान देहरादून सहित विभिन्न राज्यों में पहुंचा और पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, बेरोज़गारी तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया।
पराग गाबा ने कहा कि जब छात्रों की आवाज़ संसद में नहीं सुनी गई और सरकार ने संवाद से दूरी बनाई, तब राहुल गांधी अपने सांसद साथियों के साथ छात्रों की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च पर निकले। शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के दौरान उन्हें और कई सांसदों को हिरासत का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने छात्रों के अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस आंदोलन की पहली बड़ी जीत है, लेकिन यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। अब राहुल गांधी देश के युवाओं के रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई तथा बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए पहले से भी अधिक मजबूती के साथ संघर्ष जारी रखेंगे। भाजपा सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े हर सवाल का जवाब देना होगा।
पराग गाबा ने कहा कि देश के युवाओं को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में एक मजबूत विपक्ष ही जनता की आवाज़ को सत्ता तक पहुंचाता है। यदि छात्र, युवा और आम जनता एकजुट होकर सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे, तो इस तानाशाही और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हर लोकतांत्रिक लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी और जनता के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे की बात नहीं, बल्कि युवाओं की एकता, लोकतांत्रिक संघर्ष और राहुल गांधी के नेतृत्व की पहली बड़ी सफलता है। कांग्रेस आगे भी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई पूरे दमखम के साथ लड़ती रहेगी।
इस अवसर पर पराग गाबा, बिंदर पोसवाल, जोगिंदर वाल्मीकि, दिलशेर डाचर, तरुण चौहान, ललित अहूजा, पंकज गाबा, संदीप महाजन (दीपक), सुरेन्द्र नंबरदार, अशोक दुग्गल, परवीन पुनिया, कपिल ठाकुर, विनोद शर्मा, शारदा सिंधु, रजत लाठर, परवीन शर्मा, कृष्ण सोलंकी, पृथ्वीराज भट्ट, परमजीत वाल्मीकि तथा सुदेश मेहरा उपस्थित रहे।
