कुरुक्षेत्र, 24 जुलाई। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र (केविके), द्वारा गांव सिरसला में प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रोफेसर बी. आर. काम्बोज और विस्तार शिक्षा निदेशक डा. नरेश कौशिक के मार्गदर्शन व दिशा निर्देश के अनुसार कृषि विज्ञान केंद्र, कुरुक्षेत्र द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन प्रोजेक्ट के अन्तर्गत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र, कुरुक्षेत्र के वैज्ञानिक डा. अश्वनी कुमार (पौध रोग) तथा डॉ. सरिता रानी (सस्य विज्ञान) की टीम ने प्राकृतिक खेती को जिले में बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को प्रशिक्षित किया ताकि जिले के ज़्यादा से ज़्यादा किसानों को जागरूक किया जा सके। कृषि विज्ञान केंद्र, वैज्ञानिक डा. सरिता रानी (सस्य विज्ञान) ने किसानों को रासायनिक खाद और दवाइयों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी, पर्यावरण तथा स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया कि हमे अपने, अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के मुख्य घटक जीवामृत तथा घन जीवामृत बनाने की प्रक्रिया तथा प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को यह भी बताया कि प्राकृतिक खेती द्वारा चारे का उत्पादन करके पशुओं को खिलाने से दूध की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार किया जा सकता है जो सीधे सीधे से हमारे खासतौर से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। कृषि विज्ञान केंद्र, कुरुक्षेत्र के ही वैज्ञानिक डा. अश्वनी कुमार ने फसलों में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए प्राकृतिक खेती में खट्टी लस्सी, दशपर्णी अर्क एवं जीवाणुओं के प्रयोग के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों के लिए चलाए जा रहे कार्यकलापों के बारे में भी बताया। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा प्राकृतिक खेती को जिले में बढ़ावा देने के उद्देश्य से अलग-अलग गाँवों में कुल 56 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन इस वर्ष किया जाना है।
उन्होंने कुरुक्षेत्र के किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती की इस मुहिम को सफल बनाने में सभी अपना योगदान दें। गाँव सिरसला के किसान गुरदीप सिंह ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी किसानों की तरफ से कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों का आभार प्रकट किया। इस मौके पर विशाल नरबाण, सुभाष मलिक, मदन लाल शर्मा, रुलीराम, मांगेराम, प्रदीप शर्मा, ज्ञान चंद, राजबाला, कमलेश, अंगूरी, गुरदीप सिंह समेत गाँव के कई किसानों ने प्रशिक्षण का लाभ उठाया।
