कुरुक्षेत्र, 24 जुलाई : जग ज्योति दरबार में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी के अवसर पर महंत राजेंद्र पुरी द्वारा विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे। अनुष्ठान की पूर्णाहुति 25 जुलाई को होगी।
विशेष अनुष्ठान में यजमान परिवार एवं श्रद्धालुओं के साथ विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और हवन कर विश्व कल्याण व सुख-समृद्धि की कामना की गई। उल्लेखनीय है कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी के अवसर पर दूर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी दरबार में खास व्यवस्था की गई है। शुक्रवार को सुबह से ही श्रद्धालु जग ज्योति दरबार में पहुंचने लगे थे।
महंत राजेंद्र पुरी के मार्गदर्शन में पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन किया। हवन में आहुति डालते हुए भक्तों ने अपने परिवार की खुशहाली एवं सर्वकल्याण की प्रार्थना की। महंत राजेंद्र पुरी ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी भी कहा जाता है। देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और चार माह तक चलने वाले चातुर्मास की शुरुआत होती है।
उन्होंने कहा कि देवशयनी एकादशी की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शनिवार विधिवत अनुष्ठान के समापन पर हवन की पूर्णाहुति के साथ श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा। दरबार में भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन भी किया गया, जिसमें महंत राजेंद्र पुरी ने एकादशी के महत्व और पूजा के नियमों के बारे में बताया। इस अवसर पर कुलवंत भल्ला, रजनी भल्ला, अमित कुमार, निपुण गोस्वामी, हार्दिक, सुषमा, वंदना शर्मा, मंजू शर्मा, देवकी, अजय राठी, विजय राठी, अक्षय राठी, मनप्रीत सिंह, कन्हैया लाल इत्यादि भी मौजूद रहे।
