लाडवा, 24 जुलाई। एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा की तीन दिवसीय मैंगो मेला ने यह सिद्ध किया है कि आम केवल स्वाद का विषय नहीं, बल्कि कृषि, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और उद्यमिता से जुड़ी एक बड़ी पहचान है। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील बागवानों ने 100 से अधिक किस्मों के आमों का प्रदर्शन कर इस मंच को राष्ट्रीय स्वरूप दिया है।
एसडीएम अनुभव मेहता शुक्रवार को उष्णकटिबंधीय उप केंद्र लाडवा में 8 वें मैंगो मेला के दूसरे दिन के कार्यक्रम में बोल रहे थे। एसडीएम अनुभव मेहता ने स्टॉलों का निरीक्षण कर सभी प्रकार की वैरायटी व अन्य प्रकार की जानकारी हासिल की। मेले में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, मल्लिका, रटौल, केसर और अनेक अन्य किस्मों ने यहां आने वाले आगंतुकों को आकर्षित किया। इस मौके पर किसानों के लिए यह आयोजन अनुभव साझा करने, नई तकनीकें जानने और बाजार की संभावनाओं को समझने का सशक्त माध्यम भी बना।
एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इस सब-ट्रॉपिकल फ्रूट सेंटर किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ने का प्रभावी केंद्र बन चुका है। ये प्रयास केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि इस विश्वास का प्रमाण हैं कि आने वाला समय बागवानी, विविधीकरण और मूल्य संवर्धन का है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में जिस उत्साह के साथ पर्यटकों, आम प्रेमियों, विद्यार्थियों, किसानों और परिवारों ने इस महोत्सव में भाग लिया है।
मुख्यातिथि द्वारा किसानों को सम्बोधित करते हुये कहा कि यह फल उत्सव आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणादायक रहेगा तथा उन्होनें किसानों को बागवानी को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक बागवानी फसलों को अपनाने की अपील की।
इस आयोजन के दौरान केन्द्र पर कार्यरत डॉ. शिवानी, विषय वस्तु विशेषज्ञ द्वारा किसानों को नर्सरी प्रबंधन एवं केन्द्र पर उपस्थित नर्सरी में उपलब्ध होने वाली किस्मों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डॉ. पूनम सैनी, वैज्ञानिक हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा किसानों को बागवानी की फसलों की नवीनतम तकनीक सम्बन्धित विस्तारपूर्वक जानकारी दी।इस आयोजन के दौरान विकास सातरोड़, कलाकार द्वारा रंगारंग कार्यक्रम में विभिन्न पंजाबी व हरियाणा गीतो से मेले में शामिल हुए सभी किसानों/आमजन व बच्चों को मनोरंजन किया।
इस कार्यक्रम के दूसरे दिन स्कूली बच्चों के लिए रंगोली, पेटिंग, पतंग उड़ाना, आम खाना एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के 10 सरकारी एवं निजी स्कूलों से 400 बच्चों द्वारा काफी उत्साह पूर्वक भाग लिया गया तथा प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले स्कूली बच्चों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में भाग लेने वाले किसानों द्वारा भी आम खाना व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लिया गया, जिसके विजेताओं को मुख्यातिथि द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम के दौरान किसानों को नवीनतम उपकरण उपलब्ध कराने वाले प्रमुख औद्योगिक संस्थानों द्वारा अपने स्टॉल के माध्यम से विकसित उपकरणों के इस्तेमाल से समृद्ध बागवानी एवं कृषि तकनीक बारे किसानों को विस्तार पूर्वक बताया गया। दूसरे दिन फल उत्सव मे लगभग 1200 किसानो व स्कूली बच्चों व आम नागरिकों द्वारा भाग लिया गया।
