रेवाड़ी में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक चिरंजीव राव के नेतृत्व में नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर धरना दे रहे विद्यार्थियों पर की गई बर्बरता तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर सैकड़ों युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने रेवाड़ी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मॉडल टाउन स्थित अपने निवास से चिरंजीव राव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियाँ लेकर बाल भवन की ओर कूच किए। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो”, “पेपर लीक बंद करो”, “छात्र एकता ज़िंदाबाद”, “युवाओं का भविष्य बर्बाद करना बंद करो”, “चंदा चोर – गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से डीसी को ज्ञापन सौंपने के पश्चात शिव चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फुककर विरोध जताया.
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में बाल भवन में उस समय जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक चल रही थी, जिसमें जिला उपायुक्त मौजूद थे। प्रदर्शनकारी मूल रूप से लघु सचिवालय जाकर ज्ञापन सौंपने वाले थे, लेकिन जिला उपायुक्त के बाल भवन में होने की सूचना मिलने पर वहीं पहुँच गए। चिरंजीव राव ने जिला उपायुक्त से बाहर आकर ज्ञापन लेने का आग्रह किया, लेकिन काफी देर तक कोई अधिकारी बाहर नहीं आया। इसके विरोध में चिरंजीव राव अपने समर्थकों के साथ बाल भवन के मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सीटीएम ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं नेज्ञापन देने से मना कर दिया और डीसी या मंत्री को ज्ञापन देने की बात कही. दबाव के बाद जिला उपायुक्त को स्वयं बाहर आकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेने आए। इस अवसर पर चिरंजीव राव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार युवाओं की उम्मीदों और देश की आस्था—दोनों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। लाखों विद्यार्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। उनके माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई उनकी पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन बार-बार परीक्षाएँ रद्द होने से युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। जब छात्र अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाते हैं, तो उन पर लाठियाँ बरसाई जाती हैं, आँसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जाता है। भाजपा सरकार ने हमारे देश की बेटियों को भी नहीं छोड़ा। एक तरफ “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा दिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही बेटियों पर भी बर्बरता की जा रही है।
चिरंजीव राव ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफ़ा दें। शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और तब तक संघर्ष जारी रहेगा, जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिल जाता। राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित गबन के मुद्दे पर बोलते हुए चिरंजीव राव ने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के अनुसार कठोर सजा दी जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।
चिरंजीव राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मंच से न्याय और सुधारों की बात करते हैं, लेकिन देश के युवा आज भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब घोषणाओं का नहीं, ठोस कार्रवाई का समय है। सरकार को युवाओं के भविष्य और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं, छात्रों और आम जनता की आवाज को दबने नहीं देगी। यदि सरकार ने समय रहते इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक संघर्ष तेज किया जाएगा।
