कुरुक्षेत्र, 23 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद (एचएसएचईसी) द्वारा हरियाणा राज्य अनुसंधान निधि (एचएसआरएफ) के अंतर्गत विश्वविद्यालय की दो वर्षीय शोध परियोजना के लिए 18 लाख रुपये का वित्तीय अनुदान स्वीकृत किया गया है। यह परियोजना ’’बैरियर टू बिज़नेस, ब्रिजेज़ टू सक्सेस एक्सप्लोरिंग एंटरप्रेन्योरशिप अमंग रूरल एंड अर्बन वीमेन इन हरियाणा विद स्पेशल फोकस ऑन मातृ शक्ति उद्यमिता योजना’’ विषय पर आधारित है।
इस शोध परियोजना के प्रधान अन्वेषक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष ’’डॉ. सुनील ढुल’’ हैं। परियोजना में सह-प्रधान अन्वेषक के रूप में अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्रोफेसर ’’डॉ. प्रिया शर्मा’’ तथा ’’डॉ. भीमराव अंबेडकर लॉ कॉलेज, कुरुक्षेत्र’’ की सहायक प्रोफेसर ’’डॉ. रिंकल’’ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
यह शोध परियोजना हरियाणा के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की उद्यमिता के समक्ष विद्यमान सामाजिक, आर्थिक एवं संस्थागत चुनौतियों का गहन अध्ययन करेगी। साथ ही, महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित ’’मातृ शक्ति उद्यमिता योजना’’ की प्रभावशीलता, उपलब्धियों तथा संभावित सुधारों का वैज्ञानिक विश्लेषण भी किया जाएगा। इस अध्ययन के निष्कर्ष महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में उपयोगी सिद्ध होंगे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु ’’प्रो. सोमनाथ सचदेवा’’ ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर शोध दल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय सदैव समाजोपयोगी, नवाचारपरक एवं गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करता रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास तथा समावेशी आर्थिक प्रगति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन एवं नीति निर्माण के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
