कुरुक्षेत्र, 21 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद (एचएसएचईसी) द्वारा संचालित हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड (एचएसआरएफ) के अंतर्गत 41 लाख रुपये का प्रतिष्ठित अनुसंधान अनुदान प्राप्त हुआ है। यह अनुदान उनकी शोध परियोजना “एंटी-एपोप्टोटिक पोटेंशियल ऑफ कुर्कुमा लोंगा (हल्दी) अगेंस्ट क्लोरपायरीफॉस-प्रेरित ओवेरियन एंट्रल फॉलिकल्स की प्रजनन विषाक्तता” के लिए स्वीकृत किया गया है।
दो वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत इस परियोजना की कुल लागत 41 लाख रुपये है। शोध का मुख्य उद्देश्य कुर्कुमा लोंगा (हल्दी) के उन सुरक्षात्मक गुणों का वैज्ञानिक अध्ययन करना है, जो व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले कीटनाशक क्लोरपायरीफॉस के कारण ओवेरियन एंट्रल फॉलिकल्स में उत्पन्न होने वाली प्रजनन विषाक्तता को कम करने में सहायक हो सकते हैं। यह अध्ययन प्राकृतिक जैव-सक्रिय यौगिकों की चिकित्सीय उपयोगिता को स्थापित करने के साथ-साथ प्रजनन जीव विज्ञान, विष विज्ञान एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड के अंतर्गत परियोजना की स्वीकृति विश्वविद्यालय में हो रहे उच्चस्तरीय एवं समाजोपयोगी अनुसंधान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शोध एवं नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है तथा इस प्रकार की उपलब्धियां संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ बनाती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के निष्कर्ष वैज्ञानिक ज्ञान के विस्तार के साथ-साथ जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उपयोगी सिद्ध होंगे।
लाईफ साइंस संकाय के अधिष्ठाता प्रो. जसबीर सिंह ने डॉ. भारद्वाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाह्य वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाएं किसी भी विश्वविद्यालय की शोध क्षमता और गुणवत्ता का महत्वपूर्ण संकेतक होती हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को भी अनुसंधान के नए अवसर प्रदान करेगी।
जूलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. जितेंद्र शर्मा ने कहा कि विभाग लाईफ साइंस के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर उत्कृष्ट अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से विभाग की अनुसंधान गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा उन्नत वैज्ञानिक शोध के लिए बेहतर संसाधन और अवसर उपलब्ध होंगे।
प्राणी विज्ञान विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भी डॉ. भारद्वाज को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी और परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज ने हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड, कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा, लाइफ साइंस संकाय के अधिष्ठाता प्रो. जसबीर सिंह, जूलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. जितेंद्र शर्मा तथा विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनीता भटनागर के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अनुसंधान अनुदान उन्हें प्रजनन विषविज्ञान तथा प्राकृतिक चिकित्सीय उपायों के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाला शोध करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना के निष्कर्ष वैज्ञानिक समुदाय, नीति-निर्माताओं तथा समाज के लिए उपयोगी और सार्थक सिद्ध होंगे।
