खास टीम करें तैनात, सफाई कार्यों में खानापूर्ति नहीं चलेगी, एजेंसियों पर करें सख्ताई।
करनाल 21 जुलाई, नगर निगम करनाल की आयुक्त सलोनी शर्मा ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एच.एस.वी.पी.), भारतीय राष्टï्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.ए.आई.), हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एच.एस.आई.आई.डी.सी.) तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधीन आने वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए विशेष टीमें तैनात करें और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढी, सेनीटेशन टीम तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वच्छता शहर की पहचान, सभी विभाग निभाएं अपनी जिम्मेदारी।
बैठक को संबोधित करते हुए निगमायुक्त ने कहा कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखना केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। जिन क्षेत्रों का रख-रखाव संबंधित एजेंसियों के अधीन है, वहां नियमित सफाई, कचरा निस्तारण और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें तथा जहां भी कमियां दिखाई दें, उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
एच.एस.वी.पी. को रोजाना सफाई और क्लीननेस टारगेट यूनिट पर विशेष फोकस के निर्देश।
उन्होंने एच.एस.वी.पी. के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके अधीन आने वाले सभी सेक्टरों एवं क्षेत्रों में प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से खाली प्लॉटों को कूड़ा मुक्त रखा जाए तथा वहां किसी भी प्रकार का कचरा एकत्र न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर कहीं क्लीननेस टारगेट यूनिट है, वहां विशेष अभियान चलाकर जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए। सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
जी.टी. रोड, फ्लाईओवर और अंडरपास रहें पूरी तरह स्वच्छ, एन.एच.ए.आई. को निर्देश।
एन.एच.ए.आई. के उप प्रबंधक भानु प्रताप को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नगर निगम सीमा में आने वाले जी.टी. रोड, फ्लाईओवर, अंडरपास तथा सडक़ किनारे किसी भी स्थान पर कूड़े-कचरे के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर छोटे-छोटे कचरे के ढेर पाए गए हैं, जिन्हें तत्काल हटाया जाए। इसके साथ ही सडक़ किनारों पर उगी जंगली घास की नियमित सफाई करवाई जाए तथा स्टॉर्म वाटर लाइन की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी ड्रेन स्लैब सुरक्षित एवं ढके हुए हों और सफाई कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
औद्योगिक क्षेत्रों में खुले में कचरा नहीं दिखना चाहिए, एच.एस.आई.आई.डी.सी. को निर्देश।
एच.एस.आई.आई.डी.सी. के अधिकारियों को निर्देश देते हुए निगमायुक्त ने कहा कि सेक्टर-3 एक्सटेंशन, सेक्टर-37 तथा औद्योगिक क्षेत्रों में कहीं भी खुले में कचरा नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सफाई व्यवस्था मजबूत करने तथा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निस्तारण की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी।
वन भूमि पर सी एंड डी वेस्ट डालने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।
वन विभाग के ब्लॉक वन अधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वन भूमि की नियमित साफ-सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी वन क्षेत्र में निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी. एंड डी. वेस्ट) नहीं होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति वन भूमि पर मलबा या कचरा डालता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध तत्काल चालान एवं नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
