कुरुक्षेत्र पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पेस्टीसाइड व फर्टिलाइजर की फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री चंद्र मोहन के कुशल मार्गदर्शन में थाना साइबर कुरुक्षेत्र की टीम ने मुख्य आरोपी विक्रम सिंह व शिवम वासीयान कैथल हाल वासी कुरुक्षेत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने फर्जी फर्म के नाम से लेबल, पैकेजिंग व अन्य प्रचार सामग्री की एडिटिंग एवं डिजाइनिंग करने वाले आरोपी सुखराज वासी बसंत विहार करनाल को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई एक कार, एक मोटरसाइकिल, सोने के आभूषण, 9 मोबाइल फोन, नकली लेबल लगी पेस्टीसाइड व फर्टिलाइजर की दवाइयां, एक कम्प्यूटर, धोखाधड़ी में प्रयुक्त अन्य सामग्री तथा करीब 1 लाख 15 हजार रुपये की नकदी बरामद की है।

जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना साइबर टीम को म्यूल अकाउंट के माध्यम से पता चला कि एक खाते में काफी पैसों का लेनदेन हो रहा है। गहनता से जांच करने पर पता चला कि उस खाते के खिलाफ 3 शिकायतें दर्ज हुई हैं। जांच के दौरान थाना साइबर कुरुक्षेत्र की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और म्यूल अकाउंट की गहन जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और योजनाबद्ध कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पेस्टीसाइड व फर्टिलाइजर की फर्जी फर्म तैयार कर विभिन्न राज्यों के लोगों को डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा दिया। आकर्षक मुनाफे और बड़े व्यापार का लालच देकर उन्होंने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। लोगों का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज, नकली लेबल, पैकेजिंग सामग्री तथा अन्य प्रचार सामग्री तैयार कर उनका उपयोग किया।

दिनांक 10 जुलाई 26 को थाना साइबर प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार, सहायक उप निरीक्षक सतबीर सिंह, मुख्य सिपाही राकेश कुमार, सिपाही सूरज, एसपीओ सर्वजीत सिंह तथा जगदीश की टीम ने करवाई करते हुए पेस्टीसाइड व फर्टिलाइजर की फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपी विक्रम सिंह व शिवम वासीयान कैथल हाल वासी कुरुक्षेत्र को गिरफ्तार लिया। आरोपियों को माननीय अदालत में पेश करके 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि के दौरान एक और आरोपी सुखराज वासी बसंत विहार करनाल को भी गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई एक कार, एक मोटरसाइकिल, सोने के आभूषण, 9 मोबाइल फोन, नकली लेबल लगी पेस्टीसाइड व फर्टिलाइजर की दवाइयां, एक कम्प्यूटर, धोखाधड़ी में प्रयुक्त अन्य सामग्री तथा करीब 1 लाख 15 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई। मामले में जांच जारी है।

पुलिस अधीक्षक श्री चंद्र मोहन ने आमजन से अपील की कि किसी भी कंपनी, फर्म या डिस्ट्रीब्यूटरशिप में निवेश करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। यदि किसी भी प्रकार की साइबर या वित्तीय धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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