कुरुक्षेत्र, 17 जुलाई।   हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य संजीव घारू ने गत शाम कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र का दौरा कर विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत सफाई कर्मचारियों एवं सफाई व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। विश्वविद्यालय के समिति कक्ष में आयोजित बैठक में सफाई कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों ने आयोग के समक्ष अपनी समस्याएं एवं मांगें विस्तारपूर्वक रखीं।
इस अवसर पर हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य रेखा रानी भी उपस्थित रहीं। बैठक में डॉ. राकेश कुमार, डीन अकादमिक अफेयर्स, डॉ. वीरेंद्र पाल, कुलसचिव  सहित विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सदस्य संजीव घारू ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व एवं सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग के कैबिनेट मंत्री  कृष्ण कुमार बेदी के मार्गदर्शन में हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग प्रदेश के प्रत्येक सफाई कर्मचारी को सम्मानजनक कार्य वातावरण, सामाजिक सुरक्षा एवं उनके वैधानिक अधिकार सुनिश्चित कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। निरीक्षण एवं कर्मचारियों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर आयोग ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। आयोग ने निर्देश दिए कि सभी पात्र सफाई कर्मचारियों के ईएसआई कार्ड तत्काल जारी किए जाएं, ताकि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
बैठक के दौरान यह गंभीर मामला आयोग के संज्ञान में आया कि कुछ अधिकारियों द्वारा सफाई कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार एवं दुव्र्यवहार किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस पर आयोग ने स्वच्छता प्रभारी एवं उप-स्वच्छता प्रभारी  के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई एवं तत्काल स्थानांतरण पर विचार करने के निर्देश दिए।
आयोग ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप सभी सफाई कर्मचारियों को समयबद्ध रूप से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण  उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न भवनों एवं कार्यस्थलों पर सफाई कर्मचारियों के लिए कॉमन रेस्ट रूम, वर्षा एवं भीषण गर्मी से बचाव हेतु शेल्टर (आश्रय स्थल) तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि विश्वविद्यालय के 26 छात्र एवं छात्राओं के छात्रावासों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को अलग-अलग दरों से वेतन दिया जा रहा है तथा एक समान वेतनमान लागू नहीं है। इस पर आयोग ने इसे गंभीर असमानता मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी पात्र कर्मचारियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप उचित एवं एकरूप वेतन व्यवस्था शीघ्र लागू की जाए। इस संबंध में कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने आयोग को आश्वस्त किया कि इस विषय का शीघ्र समाधान कर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी।
आयोग ने यह भी निर्देश दिए कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम अथवा अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए वर्दी संबंधी नीति को स्पष्ट किया जाए। यदि नियमों के अनुसार वर्दी पहनने से छूट संभव है तो आवश्यक आदेश जारी किए जाएं, अन्यथा विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर पर सभी कर्मचारियों को निर्धारित वर्दी उपलब्ध कराए। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय परिसर में कूड़ा संग्रहण हेतु वाहनों की संख्या बढ़ाने, सफाई कर्मचारियों की उपलब्ध जनशक्ति में आवश्यक वृद्धि करने तथा लंबे समय से रिक्त पड़े स्वीकृत पदों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भरने के भी निर्देश दिए गए, ताकि विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाई जा सके।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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