आरोग्य भारती, अंबाला इकाई एवं ऑर्गनाइजेशन फॉर सोशल एंड कल्चरल अवेयरनेस (ओस्का) के संयुक्त तत्वावधान में जवाहर नवोदय विद्यालय, कौलां (अंबाला) में “विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन में संगीत की भूमिका” विषय पर प्रेरणादायी रबाब संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संगीत की उपचारात्मक शक्ति से परिचित कराना तथा बढ़ते शैक्षणिक तनाव के बीच मानसिक संतुलन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर आरोग्य भारती, अंबाला इकाई के जिलाध्यक्ष एवं जी.एम.एन. कॉलेज, अंबाला कैंट के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने कहा कि आज के डिजिटल एवं प्रतिस्पर्धात्मक परिवेश में विद्यार्थियों के समक्ष मानसिक तनाव और चिंता जैसी चुनौतियाँ निरंतर बढ़ रही हैं। ऐसे समय में भारतीय शास्त्रीय संगीत मानसिक शांति, भावनात्मक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि संगीत मन को एकाग्र करता है, संवेदनशीलता विकसित करता है तथा जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आरोग्य भारती भविष्य में भी संगीत, योग एवं भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं पर आधारित ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
प्रसिद्ध रबाब वादक गुरसिमर सिंह ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की मधुरता और आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक तनाव कम करने, मन को शांत रखने तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का प्रभावी साधन है। कार्यक्रम में सनमदीप सिंह ने अपने मधुर एवं भावपूर्ण गायन से समां बांध दिया। रबाब वादन और गायन का अद्भुत समन्वय कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने खूब सराहा।
जवाहर नवोदय विद्यालय, कौलां के उप-प्रधानाचार्य जोगिंदर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनका मानसिक एवं भावनात्मक रूप से स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। वहीं विद्यालय के संगीत अध्यापक राजेश कुमार नैन ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत विद्यार्थियों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और मानसिक संतुलन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ओस्का के संस्थापक डॉ. चंद्रपाल पूनिया, राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल भांकर, राष्ट्रीय ऑब्जर्वर डॉ. नेहा अग्रवाल तथा संयुक्त सचिव राजिंदर मीरवाल ने कहा कि संगीत मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा युवा पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
विद्यालय प्रशासन ने आयोजन के लिए आरोग्य भारती एवं कलाकारों का आभार व्यक्त किया। ओस्का में इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थी रमन तंवर, समर, यशपाल, भावेश सिंह, जानिश, करानदीप सिंह एवं प्रिशा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने कलाकारों से संवाद कर संगीत एवं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न पूछे। मंच संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन सतीश कुमार ने किया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक एवं अत्यंत सफल रहा।
