कुरुक्षेत्र, 27 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में टीचर्स क्लब द्वारा शिक्षकों एवं उनके परिवारों, विशेष रूप से बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जा रही समर हॉबी क्लासेज एवं ‘स्वबोध एप्लाइड थिएटर कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक, रचनात्मक एवं व्यक्तित्व विकास का प्रभावी मंच सिद्ध हो रही हैं।
टीचर्स क्लब द्वारा 15 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित समर हॉबी क्लासेज में बच्चों को संगीत, ललित कला एवं नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रतिदिन प्रातः 9.00 बजे से 12.00 बजे तक चलने वाली इन कक्षाओं में प्रत्येक गतिविधि के लिए एक घंटे का सत्र निर्धारित किया गया है। संगीत की कक्षाएं प्रातः 9.00 से 10.00 बजे, ललित कला की कक्षाएं 10.00 से 11.00 बजे तथा नृत्य की कक्षाएं 11.00 से 12.00 बजे तक आयोजित की जा रही हैं। ललित कला के अंतर्गत पेंटिंग, स्केचिंग, कैलीग्राफी एवं क्ले मॉडलिंग, संगीत के अंतर्गत गायन तथा नृत्य के अंतर्गत शास्त्रीय एवं आधुनिक नृत्य का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। नृत्य प्रशिक्षक के रूप में कुमारी संजना, संगीत प्रशिक्षक के रूप में विशाल तथा ललित कला प्रशिक्षक के रूप में कुमारी सुप्रीति बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
इस अवसर पर टीचर्स क्लब के अध्यक्ष डॉ. ज्ञान चहल ने कहा कि टीचर्स क्लब केवल मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि शिक्षकों एवं उनके परिवारों के बौद्धिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक विकास का केंद्र है। क्लब का उद्देश्य शिक्षकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रचनात्मक अवसर उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी प्रतिभा को पहचान कर उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।
इसके साथ ही टीचर्स क्लब द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय एप्लाइड थिएटर कार्यशाला ‘स्वबोध ने प्रतिभागियों को आत्म-अन्वेषण, आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति की नई दिशा प्रदान की। कार्यशाला में आर्ट ऑफ लर्निंग, सेल्फ एक्सप्रेशन, कॉम्पिटिशन टू कोलेबोरेशन तथा इमेज थियेटर जैसे विषयों पर आधारित गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वयं को समझने, अपनी क्षमताओं को पहचानने तथा सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ।
क्लब की सचिव डॉ. प्रियंका चौधरी ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सकारात्मक सोच का विकास करती हैं। उन्होंने बताया कि टीचर्स क्लब भविष्य में भी शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए ऐसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।टीचर्स क्लब के उपाध्यक्ष डॉ. सचिन ने कहा कि कला, संगीत, नृत्य एवं थिएटर जैसी गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा उन्हें रचनात्मक और संवेदनशील नागरिक बननेे की प्रेरणा देती हैं।
कार्यकारिणी परिषद सदस्य डॉ. वीर विकास ने बताया कि टीचर्स क्लब समय-समय पर शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन करता है, जिससे विश्वविद्यालय परिवार के बीच आत्मीयता एवं सहयोग की भावना और अधिक सुदृढ़ होती है।
क्लब के कोषाध्यक्ष डॉ. गुरप्रीत सिंह ने कहा कि शिक्षकों के परिवारों को एक साझा मंच प्रदान करना तथा बच्चों के समग्र विकास हेतु अवसर उपलब्ध कराना टीचर्स क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है।
टीचर्स क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व, निरंतर प्रेरणा, प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन के कारण क्लब की गतिविधियाँ निरंतर विस्तार प्राप्त कर रही हैं। शिक्षकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता क्लब को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती है। साथ ही विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल के निरंतर सहयोग, प्रशासनिक समर्थन एवं सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भी हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उनके सहयोग से टीचर्स क्लब की विभिन्न गतिविधियों का सफल एवं प्रभावी संचालन संभव हो पाया है।
टीचर्स क्लब द्वारा 15 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित समर हॉबी क्लासेज में बच्चों को संगीत, ललित कला एवं नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रतिदिन प्रातः 9.00 बजे से 12.00 बजे तक चलने वाली इन कक्षाओं में प्रत्येक गतिविधि के लिए एक घंटे का सत्र निर्धारित किया गया है। संगीत की कक्षाएं प्रातः 9.00 से 10.00 बजे, ललित कला की कक्षाएं 10.00 से 11.00 बजे तथा नृत्य की कक्षाएं 11.00 से 12.00 बजे तक आयोजित की जा रही हैं। ललित कला के अंतर्गत पेंटिंग, स्केचिंग, कैलीग्राफी एवं क्ले मॉडलिंग, संगीत के अंतर्गत गायन तथा नृत्य के अंतर्गत शास्त्रीय एवं आधुनिक नृत्य का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। नृत्य प्रशिक्षक के रूप में कुमारी संजना, संगीत प्रशिक्षक के रूप में विशाल तथा ललित कला प्रशिक्षक के रूप में कुमारी सुप्रीति बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
इस अवसर पर टीचर्स क्लब के अध्यक्ष डॉ. ज्ञान चहल ने कहा कि टीचर्स क्लब केवल मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि शिक्षकों एवं उनके परिवारों के बौद्धिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक विकास का केंद्र है। क्लब का उद्देश्य शिक्षकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रचनात्मक अवसर उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी प्रतिभा को पहचान कर उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।
इसके साथ ही टीचर्स क्लब द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय एप्लाइड थिएटर कार्यशाला ‘स्वबोध ने प्रतिभागियों को आत्म-अन्वेषण, आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति की नई दिशा प्रदान की। कार्यशाला में आर्ट ऑफ लर्निंग, सेल्फ एक्सप्रेशन, कॉम्पिटिशन टू कोलेबोरेशन तथा इमेज थियेटर जैसे विषयों पर आधारित गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वयं को समझने, अपनी क्षमताओं को पहचानने तथा सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ।
क्लब की सचिव डॉ. प्रियंका चौधरी ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सकारात्मक सोच का विकास करती हैं। उन्होंने बताया कि टीचर्स क्लब भविष्य में भी शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए ऐसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।टीचर्स क्लब के उपाध्यक्ष डॉ. सचिन ने कहा कि कला, संगीत, नृत्य एवं थिएटर जैसी गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा उन्हें रचनात्मक और संवेदनशील नागरिक बननेे की प्रेरणा देती हैं।
कार्यकारिणी परिषद सदस्य डॉ. वीर विकास ने बताया कि टीचर्स क्लब समय-समय पर शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन करता है, जिससे विश्वविद्यालय परिवार के बीच आत्मीयता एवं सहयोग की भावना और अधिक सुदृढ़ होती है।
क्लब के कोषाध्यक्ष डॉ. गुरप्रीत सिंह ने कहा कि शिक्षकों के परिवारों को एक साझा मंच प्रदान करना तथा बच्चों के समग्र विकास हेतु अवसर उपलब्ध कराना टीचर्स क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है।
टीचर्स क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व, निरंतर प्रेरणा, प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन के कारण क्लब की गतिविधियाँ निरंतर विस्तार प्राप्त कर रही हैं। शिक्षकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता क्लब को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती है। साथ ही विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल के निरंतर सहयोग, प्रशासनिक समर्थन एवं सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भी हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उनके सहयोग से टीचर्स क्लब की विभिन्न गतिविधियों का सफल एवं प्रभावी संचालन संभव हो पाया है।
