कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान की अध्यक्षता में अकादमिक परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की 10वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता ने परिषद के समक्ष 12 महत्वपूर्ण एजेंडे प्रस्तुत किए, जिन पर विस्तार से चर्चा के बाद बहुमत से पास किए गए।
बैठक में पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, एक्शन टेकन रिपोर्ट, गृहिणियों के लिए तीन माह के ‘स्वास्थ्य एवं योग’ पाठ्यक्रम, बीएनवाईएस एवं डीएनवाईएस के पाठ्यक्रम एवं मानक, बीएएमएस के नए परीक्षा पैटर्न, डी-फार्मेसी (आयुर्वेद) एवं पंचकर्म सहायक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के संशोधित सिलेबस, हरियाणा में होम्योपैथिक फार्मेसी डिप्लोमा के पाठ्यक्रम एवं मानकों का मसौदा, विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए गए एमओयू, विश्वविद्यालय के कुलगीत तथा संशोधित विजन और मिशन सहित अन्य प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशासनिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि विश्वविद्यालय के स्वस्थवृत्त विभाग द्वारा गृहिणियों के लिए तीन माह का ‘स्वास्थ्य एवं योग’ पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। प्रतिदिन दो घंटे की कक्षाओं के माध्यम से गृहिणियों को आयुर्वेद, संतुलित आहार-विहार, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आयुष विभाग, हरियाणा की मांग पर प्राकृतिक चिकित्सा का नया पाठ्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है तथा विश्वविद्यालय में जल्द ही बीएससी इन योग पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि बीएएमएस का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (एनसीआईएसएम) द्वारा निर्धारित किया जाता है, लेकिन यदि शिक्षकों को उसमें किसी प्रकार के सुधार की आवश्यकता महसूस होती है तो वे अपने सुझाव अकादमिक परिषद के समक्ष रखें, ताकि उन्हें संबंधित आयोग तक भेजा जा सके। उन्होंने बताया कि डी-फार्मेसी (आयुर्वेद) के पाठ्यक्रम में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं, जिन्हें स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड ऑफ होम्योपैथी द्वारा प्रस्तावित होम्योपैथिक फार्मेसी डिप्लोमा के पाठ्यक्रम एवं मानकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिसे अंतिम रूप देकर सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की भी समीक्षा की गई। कुलपति ने कहा कि इन एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई दिशा मिल रही है।
बैठक के समापन पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े नए एवं महत्वपूर्ण विषयों को पूरी तैयारी के साथ अकादमिक परिषद के समक्ष एजेंडा के रूप में लाया जाए, ताकि उन पर गहन चर्चा कर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।
इसके पश्चात कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों के सकारात्मक सहयोग और सौहार्दपूर्ण सहभागिता के कारण अकादमिक परिषद की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणधीर सिंह, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, परीक्षा नियंत्रक प्रो. हेतल दावे, हरियाणा के राज्यपाल द्वारा मनोनीत सदस्य कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुखबीर लाल, प्रो. जितेश पंडा, उप कुलसचिव अतुल गोयल, प्रो. सतीश वत्स, प्रो. आशु, प्रो. अमित कटारिया, प्रो. रविराज, प्रो. नीलम, प्रो. रविंद्र अरोड़ा, प्रो. राजेंद्र चौधरी, प्रो. सीमा रानी, प्रो. सचिन शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
बैठक में पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, एक्शन टेकन रिपोर्ट, गृहिणियों के लिए तीन माह के ‘स्वास्थ्य एवं योग’ पाठ्यक्रम, बीएनवाईएस एवं डीएनवाईएस के पाठ्यक्रम एवं मानक, बीएएमएस के नए परीक्षा पैटर्न, डी-फार्मेसी (आयुर्वेद) एवं पंचकर्म सहायक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के संशोधित सिलेबस, हरियाणा में होम्योपैथिक फार्मेसी डिप्लोमा के पाठ्यक्रम एवं मानकों का मसौदा, विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए गए एमओयू, विश्वविद्यालय के कुलगीत तथा संशोधित विजन और मिशन सहित अन्य प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशासनिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि विश्वविद्यालय के स्वस्थवृत्त विभाग द्वारा गृहिणियों के लिए तीन माह का ‘स्वास्थ्य एवं योग’ पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। प्रतिदिन दो घंटे की कक्षाओं के माध्यम से गृहिणियों को आयुर्वेद, संतुलित आहार-विहार, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आयुष विभाग, हरियाणा की मांग पर प्राकृतिक चिकित्सा का नया पाठ्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है तथा विश्वविद्यालय में जल्द ही बीएससी इन योग पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि बीएएमएस का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (एनसीआईएसएम) द्वारा निर्धारित किया जाता है, लेकिन यदि शिक्षकों को उसमें किसी प्रकार के सुधार की आवश्यकता महसूस होती है तो वे अपने सुझाव अकादमिक परिषद के समक्ष रखें, ताकि उन्हें संबंधित आयोग तक भेजा जा सके। उन्होंने बताया कि डी-फार्मेसी (आयुर्वेद) के पाठ्यक्रम में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं, जिन्हें स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड ऑफ होम्योपैथी द्वारा प्रस्तावित होम्योपैथिक फार्मेसी डिप्लोमा के पाठ्यक्रम एवं मानकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिसे अंतिम रूप देकर सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की भी समीक्षा की गई। कुलपति ने कहा कि इन एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई दिशा मिल रही है।
बैठक के समापन पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े नए एवं महत्वपूर्ण विषयों को पूरी तैयारी के साथ अकादमिक परिषद के समक्ष एजेंडा के रूप में लाया जाए, ताकि उन पर गहन चर्चा कर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।
इसके पश्चात कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों के सकारात्मक सहयोग और सौहार्दपूर्ण सहभागिता के कारण अकादमिक परिषद की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणधीर सिंह, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, परीक्षा नियंत्रक प्रो. हेतल दावे, हरियाणा के राज्यपाल द्वारा मनोनीत सदस्य कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुखबीर लाल, प्रो. जितेश पंडा, उप कुलसचिव अतुल गोयल, प्रो. सतीश वत्स, प्रो. आशु, प्रो. अमित कटारिया, प्रो. रविराज, प्रो. नीलम, प्रो. रविंद्र अरोड़ा, प्रो. राजेंद्र चौधरी, प्रो. सीमा रानी, प्रो. सचिन शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
