कुरुक्षेत्र, 26 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा से शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया संसद के सदस्य ली टार्लामिस व उनकी धर्मपत्नी चाउ हुआन तथा अभिमन्यु कुमार ने शुक्रवार को शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, सांस्कृतिक आदान प्रदान, सोलर व इंजीनियरिंग क्षेत्र तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक भगवद्गीता और शंख भेंट कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया।

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने आस्ट्रेलिया प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि आज के वैश्विक परिवेश में अंतरराष्ट्रीय सहयोग शिक्षा और शोध के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय देश के अग्रणी बहुविषयक शिक्षण संस्थानों में शामिल है और विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नैक से ए-प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ अकादमिक साझेदारी को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) को पूर्ण रूप से लागू कर पूरे देश में एक ऐतिहासिक पहचान स्थापित की है। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सभी प्रावधानों सहित प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन उत्कृष्टता सम्मान-2025” के अंतर्गत प्लैटिनम अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने शोध, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों में नए आयाम स्थापित कर अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान गतिविधियों तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त प्रतिष्ठित मान्यताओं की जानकारी भी साझा की।

अपने संबोधन में ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया संसद के सदस्य ली  टार्लामिस   ने शिक्षा, अनुसंधान, सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक न्याय तथा सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। ली  टार्लामिस  विक्टोरिया की संसद में दक्षिण-पूर्वी महानगरीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और इससे पहले भी संसद सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के कई अग्रणी विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं। हरियाणा में भी निकट भविष्य में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के कैंपस शुरू होने की संभावना है। इस विषय पर भारत सरकार और संबंधित संस्थानों के बीच बातचीत चल रही है। ली टार्लामिस  ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा व कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल को स्मृति चिह्न भेंट किया।
बैठक में दोनों पक्षों ने  उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास,  सांस्कृतिक आदान प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाओं, नवाचार, सोलर तथा वैश्विक शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा की। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय संवाद विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंच का संचालन डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी ने किया।
इस अवसर पर विजन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा, कुवि कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, डीन आफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, यूआईईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा,  प्रो. महेन्द्र चांद, डीन प्रो. प्रीति जैन, प्रो. सुनीता सिरोहा, प्रो. कृष्णा देवी, प्रो. जितेन्द्र शर्मा, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, नरेन्द्र निम्मा, सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, एवं प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित रहे।

एम.लिब एवं सूचना विज्ञान प्रवेश परीक्षा में 50 अभ्यर्थी हुए शामिल
कुरुक्षेत्र, 26 जून।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में विभिन्न यूजी/पीजी पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं के तहत शुक्रवार को एम.लिब एवं सूचना विज्ञान (दो वर्षीय) पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय सामुदायिक केंद्र (केयूके) में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर कुल 62 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए आवंटित किया गया था। इनमें से 50 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए, जबकि 12 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। परीक्षा केंद्र पर सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों एवं दिशानिर्देशों के अनुसार संपन्न हुईं। प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में आयोजित की गई।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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