कुरुक्षेत्र, 8 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग के नए पाठ्यक्रम की शुरुआत की है। एआईसीटीई से अनुमोदित इस कोर्स में 60 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करेगा।
यूआईईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि यूआईईटी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का एक स्वायत्त संस्थान है, जो तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप संचालित इस संस्थान में पहले से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा बायोटेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब सिविल इंजीनियरिंग को शामिल कर संस्थान ने विद्यार्थियों के लिए अवसरों का विस्तार किया है। प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि सिविल इंजीनियरिंग देश के आधारभूत ढांचे के निर्माण, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, जल संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, सड़क एवं पुल निर्माण तथा शहरी विकास जैसे क्षेत्रों की रीढ़ मानी जाती है। इसी दृष्टि से यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग, वाटर रिसोर्सेज इंजीनियरिंग, जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग, सर्वेइंग, पर्यावरण प्रौद्योगिकी तथा कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी जैसे विषयों का अध्ययन कराया जाएगा। आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण और फील्ड प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन पंजीकरण एवं फीस जमा करने की अंतिम तिथि 17 जून 2026 रात्रि 11.59 बजे निर्धारित की गई है। प्रथम ऑनलाइन काउंसलिंग 10 जून से 17 जून 2026 तक चलेगी, जबकि द्वितीय ऑनलाइन काउंसलिंग 30 जून से 6 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएगी। प्रथम काउंसलिंग का सीट आवंटन परिणाम 19 जून 2026 तथा द्वितीय काउंसलिंग का परिणाम 8 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि यूआईईटी की विशेषताओं में आधुनिक प्रयोगशालाएं, उद्योगोन्मुखी पाठ्यक्रम, अनुभवी एवं समर्पित संकाय, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सहायता, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन, छात्रावास सुविधा, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां तथा हरित एवं सतत परिसर शामिल हैं। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता और नवाचार की सोच से भी समृद्ध बनाना है।
यूआईईटी सिविल इंजीनियरिंग के एचओडी डॉ. सुनील ढींगरा ने बताया कि सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान देने और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सफल करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए यूआईईटी का यह नया पाठ्यक्रम एक उत्कृष्ट अवसर साबित होगा। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सफल करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए यूआईईटी का यह नया पाठ्यक्रम एक सुनहरा अवसर है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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