सोनिका वधवा कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ की प्रधान राजवंत कौर ने हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मंगलवार को शिष्टाचार भेंट की।  इस अवसर कुंटिया प्रधान राजवंत कौर व केयू शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. जितेन्द्र खटकड़ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन देकर केयू में सेल्फ-फाइनेंस स्कीम (एसएफएस) के अंतर्गत नियमित आधार पर कार्यरत लगभग 250 गैर-शिक्षक कर्मचारियों के पदों को बजटेड पदों में परिवर्तित करने की मांग उठाई है।कुंटिया प्रधान राजवंत कौर ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2005-06 में विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने तथा रोजगारोन्मुखी एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने के उद्देश्य से एसएफएस योजना लागू की गई थी। वर्तमान में विश्वविद्यालय के 47 विभागों एवं संस्थानों में से 13 विभाग एसएफएस के अंतर्गत संचालित हैं, जिनमें लगभग 5,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि एसएफएस के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह ही चयन प्रक्रिया से नियुक्त हुए हैं तथा वर्षों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारी पदोन्नति, एरियर तथा अन्य सेवा से वंचित हैं। ज्ञापन में राज्य सरकार द्वारा गठित विश्वविद्यालय समीक्षा समिति की उस सिफारिश का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें पाँच वर्ष से अधिक समय से सफलतापूर्वक संचालित एसएफएस पाठ्यक्रमों को बजटेड श्रेणी में परिवर्तित करने की अनुशंसा की गई थी। कुंटिया प्रधान राजवंत कौर ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनकी मांग को ध्यानपूर्वक सुना एवं सकारात्मक आश्वासन भी दिया। कुंटिया प्रधान राजवंत कौर ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार कर्मचारियों की इस लंबे समय से लंबित मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर न्याय सुनिश्चित करेगी तथा विश्वविद्यालय के विकास में योगदान दे रहे कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगी।

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