कुरुक्षेत्र, 25 मई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि संचालन एवं रखरखाव नीति 2026 का जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और संबंधित ग्राम पंचायतें संयुक्त रूप से जलापूर्ति योजनाओं को क्रियांवित करेंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटियां लगा दी गई है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सोमवार को लघु सचिवालय के वीडियो कांफ्रेंस हॉल में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले चंडीगढ़ से वीसी के माध्यम से मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने संचालन एवं रखरखाव नीति 2026 से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और कहा कि तय समय सीमा में कार्य को शुरू करें और उसकी रिपोर्ट मुखालय को भी भेजें।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस नीति में महिलाओं और स्वयं सहायता समूह को जल परीक्षण और रखरखाव कार्यों से जोड़ा जाएगा, ताकि सेवाओं में पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता आ सके। इस नीति का लक्ष्य पंचायतों का मार्गदर्शन कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। जिससे प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नियमित व सुरक्षित पेयजल पहुंच सके।
उपायुक्त ने कार्यकारी अभियंता सुमित गर्ग को कहा कि इस नीति से संबंधित क्षेत्रों की पहचान कर लें और जांच लें कि वहां पर नीति से संबंधित सभी चीजें शामिल हों। उन्होंने कहा कि संचालन एवं रखरखाव नीति 2026 का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त बनाना है। इसके साथ ही जलापूर्ति योजनाओं में उनकी बेहतर भागीदारी सुनिश्चित करना है। नई नीति के तहत सभी ग्राम पंचायतों के डिजिटल बैंक अकाउंट खाते खोले जाएंगे, जिससे ग्राम पंचायत आय और व्यय जल्दी और प्रभावी तरीके से कर पाएगी।

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