चंडीगढ़। हरियाणा सरकार द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई दिशा देने के उद्देश्य से परिवार पहचान पत्र-2.0 योजना को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण को प्रदान किया है। नई प्रणाली अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) तकनीक पर आधारित होगी, जिसके माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागों के विशाल डाटाबेस को एकीकृत किया जाएगा।
परिवार पहचान पत्र-2.0 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एकीकृत, पारदर्शी और तेज सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, भूमि, बिजली, शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा वित्तीय योजनाओं से संबंधित डेटा को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।
परिवार पहचान पत्र-2.0 के नये वर्जन में क्या?
परियोजना के तहत शिक्षा विभाग के सभी स्तरों प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा का विस्तृत डेटा एकीकृत होगा। इसमें राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना से संबंधित जानकारी को भी जोड़ा जाएगा।
परिवार पहचान पत्र-2.0 के नये वर्जन में स्वामित्व योजना का डेटा, समस्त भूमि अभिलेख एवं अर्बन लोकल बाडी से संबंधित रिकार्ड भी एकीकृत किए जाएंगे। परियोजना में जनगणना का संपूर्ण डेटा शामिल रहेगा। सीबीडीटी, ई-श्रम, इपीएफओ तथा सभी श्रमिक कल्याण योजनाओं के आंकड़ों को एआइ आधारित प्लेटफार्म से जोड़ने की योजना है।
