कुरुक्षेत्र, 20 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक एवं इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ की जा चुकी है। वर्ष 1987 में स्थापित यह विभाग आज उत्तर भारत के प्रमुख भू-विज्ञान शिक्षण एवं अनुसंधान केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। विभागाध्यक्ष प्रो. ए.आर चौधरी ने बताया कि विभाग का उद्देश्य ऐसे दक्ष भू-विज्ञानियों का निर्माण करना है, जो प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, भू-जल प्रबंधन तथा आपदा अध्ययन जैसे वैश्विक विषयों पर प्रभावी कार्य कर सकें।
प्रो. ए.आर. चौधरी ने बताया कि विभाग द्वारा बी.एससी. (जियोलॉजी प्रोफेशनल) 3 वर्षीय एईडीपी पाठ्यक्रम में 40 सीटें तथा 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड एम.टेक. एप्लाइड जियोलॉजी पाठ्यक्रम में 20 सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। बी.एससी. पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विज्ञान संकाय से 10$2 उत्तीर्ण होना आवश्यक है, जबकि इंटीग्रेटेड एम.टेक. पाठ्यक्रम हेतु अभ्यर्थी का 10$2 में भौतिक विज्ञान एवं गणित विषयों के साथ रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, बायोटेक्नोलॉजी अथवा जियोलॉजी में से कोई एक विषय होना अनिवार्य है। इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक विद्यार्थी भी इस पाठ्यक्रम के लिए पात्र होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रवेश आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 7 जून 2026 निर्धारित की गई है। प्रवेश प्रक्रिया 10+2 परीक्षा की मेरिट एवं निर्धारित वेटेज के आधार पर की जाएगी। विभाग के विद्यार्थियों ने देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभाग के पूर्व छात्र इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन, आयल एंड नेचुरल गैस कार्पोरेशन, वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, कुवैत आयल कम्पनी तथा स्कलम्बर्गर जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त विभाग के विद्यार्थियों ने शोध, शिक्षण, भू-जल अध्ययन, खनिज अन्वेषण, पेट्रोलियम अध्ययन तथा पर्यावरणीय अनुसंधान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि भूविज्ञान विभाग में आधुनिक प्रयोगशालाओं एवं अधोसंरचना की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। विभाग में सेडिमेंटोलॉजी लैब, रिमोट सेंसिंग लैब, ग्राउंड वाटर लैब, पेट्रोलॉजी एवं जियोकेमिस्ट्री लैब, माइक्रोस्कोपी लैब, स्ट्रक्चरल जियोलॉजी लैब तथा इंजीनियरिंग जियोलॉजी लैब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं शोधपरक शिक्षा प्रदान करती हैं। इसके अतिरिक्त विभाग में भूवैज्ञानिक फील्ड उपकरण, स्मार्ट क्लासरूम, प्रोजेक्टर एवं कंप्यूटर सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि विभाग के शिक्षक एवं शोधार्थी नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में अपने शोध प्रकाशित कर रहे हैं। साथ ही उद्योग विशेषज्ञों एवं सफल पूर्व छात्रों के व्याख्यानों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग जगत की नवीनतम जानकारियों से भी अवगत कराया जाता है। विभाग का लक्ष्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुख एवं शोध आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि दाखिले से संबंधित में अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट और आईयूएमएस पोर्टल पर उपलब्ध है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *