कुरुक्षेत्र, 20 मई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। इसलिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का समाधान पारदर्शी, प्रभावी और संतोषजनक तरीके से हो। जो शिकायतें अभी तक देखी भी नहीं गई हैं, उन्हें तुरंत ऑनलाइन स्वीकार कर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। साथ ही लंबित शिकायतों पर विशेष फोकस करते हुए उनका समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें। निवारण हो चुकी शिकायतों की रैंडम चेकिंग की जाएगी और लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों के साथ सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दे रही थीं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जिलावार लंबित शिकायतों पर चर्चा कर समाधान के निर्देश दिए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की विभागवार समीक्षा करते हुए बताया गया कि कुरुक्षेत्र जिले में अब तक कुल 12,133 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 11,946 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। जिले का कुल डिस्पोजल रेट 98.45 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो कि अच्छा है। इसमें और अधिक सुधार करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा निर्देश दिए कि सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे रैंडम आधार पर ऐसी 10 शिकायतों का चयन करें, जिन्हें विभागों द्वारा ‘निस्तारित’ दिखाया गया है, लेकिन शिकायतकर्ता उन समाधानों से संतुष्ट नहीं हैं। इन मामलों की समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सीएम विंडो केवल एक ऑनलाइन पोर्टल नहीं, बल्कि जनता का सरकार पर विश्वास है। किसी भी शिकायत को बंद करने से पहले संबंधित शिकायतकर्ता से सीधे संवाद करना अनिवार्य होगा। यदि किसी कारणवश समस्या का समाधान संभव नहीं है तो शिकायतकर्ता को स्पष्ट और संतोषजनक कारण बताया जाए। गुणवत्तापूर्वक एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड की जाए।
्इस अवसर पर एसडीएम अमन कुमार, एसडीएम शंभू राठी, डीडीपीओ विकास, डीएफएससी नरेश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण व सीएम विंडो एमिनेटप्रश्न मौजूद रहे।
