सांस्कृतिक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ रहा है श्रीकृष्ण संग्रहालय

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस-2026 के उपलक्ष्य में श्रीकृष्ण संग्रहालय द्वारा 16 एवं 18 मई को विविध शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस-2026 का विषय “विभाजित विश्व को एकजुट करते संग्रहालय” अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद द्वारा निर्धारित किया गया है। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए विद्यार्थियों एवं युवाओं में सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालयों तथा भारतीय कला परंपराओं के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए गए।

16 मई को संग्रहालय सभागार में हेरिटेज प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कुरुक्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Kurukshetra University के डॉ. कुलदीप आर्य रहे। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का संचालन संग्रहालय के प्रभारी, बलवान सिंह द्वारा पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से किया गया। प्रतियोगिता के प्रश्न भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उपदेश, श्रीकृष्ण संग्रहालय की दीर्घाओं एवं प्रदर्शित वस्तुओं तथा 48 कोस कुरुक्षेत्र की विरासत एवं सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित थे। प्रतियोगिता से पूर्व विद्यार्थियों को संग्रहालय की विभिन्न गैलरियों का भ्रमण भी करवाया गया, ताकि वे संग्रहालय में प्रदर्शित कलाकृतियों, पुरातात्विक अवशेषों तथा महाभारत एवं श्रीकृष्ण विषयक प्रदर्शनों को निकट से समझ सकें।

प्रतियोगिता में गीता निकेतन आवासीय विद्यालय की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यालय की टीम में कृतिका, अर्नव गर्ग एवं वृंदा गर्ग शामिल रहे। द्वितीय स्थान राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने प्राप्त किया, जिसकी टीम में लिजा, चार्वी सिंह एवं प्रांजलि शामिल रहीं। तृतीय स्थान जगत गुरु ब्रह्मानंद विद्या निकेतन ने प्राप्त किया, जिसकी टीम में सुमित्रा, आयुष तथा लोकेश शामिल रहे।

18 मई को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य श्री अशोक रोशा मुख्य अतिथि तथा श्री अल्केश मौद्गिल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के लेखा अधिकारी श्री सचिन मक्कड़ एवं एस.डी.ओ. श्री भूपिंदर वालिया द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को सिंधु-सरस्वती सभ्यता की मुहरों की प्रतिकृतियाँ स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की गईं।

मुख्य अतिथि श्री अशोक रोशा द्वारा संग्रहालय परिसर स्थित बोधि वृक्ष के नीचे फाइन आर्ट्स (मूर्तिकला) इंटर्न्स मिस खुशपिंदर एवं जिज्ञासा द्वारा अनुपयोगी टेराकोटा दीयों से निर्मित बुद्ध प्रतिमा का अनावरण किया गया। “फ्रॉम वेस्ट टू विजडम” विषय पर आधारित यह कलात्मक स्थापना पर्यावरण संरक्षण, पुनर्पयोग एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रतीक रही।

इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं आगंतुकों के लिए सजीव मूर्तिकला प्रदर्शन तथा क्ले रिलीफ आर्ट कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिसमें इंटर्न्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक कलात्मक जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान हेरिटेज प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रशंसा प्रमाण-पत्रों के साथ-साथ संग्रहालय में प्रदर्शित प्राचीन मूर्तियों की प्रतिकृतियाँ स्मृति-चिह्न के रूप में प्रदान की गईं। संग्रहालय के प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि ये प्रतिकृतियाँ केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि भारतीय कला, इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव और उसे समझने की प्रेरणा का प्रतीक हैं।

अपने संदेश में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पंकज सेतिया ने कहा कि कुरुक्षेत्र महाभारत एवं श्रीमद्भगवद्गीता की पावन भूमि है, जो सदियों से ज्ञान, धर्म एवं संस्कृति का संदेश देती आ रही है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण संग्रहालय इस महान विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल अतीत के संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, विरासत एवं मानवीय मूल्यों से जोड़ने वाले सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ विद्यार्थियों में इतिहास, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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