करनाल, 18 मई। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीएम विंडो, जनसंवाद व समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से लें और गहन रुचि लेकर उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें ताकि आम जनता बार-बार कार्यालयों के चक्कर ना काटें।
डीसी सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिलाधिकारियों के साथ सीएम विंडो, जनसंवाद और समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों के निपटान को लेकर समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम विंडो, जनसंवाद और समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पूरी तरह से गंभीर हैं और स्वयं भी पोर्टल पर निगरानी करते हैं तथा उच्च अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसलिए जिला के अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों एवं समस्याओं का तत्परता से निपटारा करें और आम जनता की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान निकालें।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों की शिकायत बार-बार रि ओपन हो रही है वे सजगता के साथ कार्य करें और शिकायतकर्ता को संतुष्ट किया जाए। इस कार्य में एमिनेंट पर्सन का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि जिन-जिन अधिकारियों के विभागों से संबंधित शिकायतें ओवर ड्यू हैं, उनका विशेषतौर से पंचायत, बिजली, जनस्वास्थ्य, क्रीड व राजस्व विभाग के अधिकारी समाधान शिविर की शिकायतों को भी लंबित न रखें, बल्कि उनका समाधान निकालें। उन्होंने परिवार पहचान पत्र से जुड़ी शिकायतों को लेकर क्रीड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे छोटी-छोटी शिकायतों के समाधान के लिए आम लोगों को बार-बार चक्कर ना लगवाएं और उनका शीघ्र समाधान करें। अगर मुख्यालय से जुड़ी समस्या है, तो इसके बारे में भी शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए।
बैठक में एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसडीएम देवेंद्र शर्मा, सीटीएम मोनिका शर्मा, सीईओ जिला परिषद अमित कुमार, जिला सम्पदा अधिकारी अदिति, डीएसपी मीना कुमारी, डीडीपीओ कंचनलता, डीएफएससी मुकेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डीसी सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिलाधिकारियों के साथ सीएम विंडो, जनसंवाद और समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों के निपटान को लेकर समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम विंडो, जनसंवाद और समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पूरी तरह से गंभीर हैं और स्वयं भी पोर्टल पर निगरानी करते हैं तथा उच्च अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसलिए जिला के अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों एवं समस्याओं का तत्परता से निपटारा करें और आम जनता की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान निकालें।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों की शिकायत बार-बार रि ओपन हो रही है वे सजगता के साथ कार्य करें और शिकायतकर्ता को संतुष्ट किया जाए। इस कार्य में एमिनेंट पर्सन का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि जिन-जिन अधिकारियों के विभागों से संबंधित शिकायतें ओवर ड्यू हैं, उनका विशेषतौर से पंचायत, बिजली, जनस्वास्थ्य, क्रीड व राजस्व विभाग के अधिकारी समाधान शिविर की शिकायतों को भी लंबित न रखें, बल्कि उनका समाधान निकालें। उन्होंने परिवार पहचान पत्र से जुड़ी शिकायतों को लेकर क्रीड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे छोटी-छोटी शिकायतों के समाधान के लिए आम लोगों को बार-बार चक्कर ना लगवाएं और उनका शीघ्र समाधान करें। अगर मुख्यालय से जुड़ी समस्या है, तो इसके बारे में भी शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए।
बैठक में एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसडीएम देवेंद्र शर्मा, सीटीएम मोनिका शर्मा, सीईओ जिला परिषद अमित कुमार, जिला सम्पदा अधिकारी अदिति, डीएसपी मीना कुमारी, डीडीपीओ कंचनलता, डीएफएससी मुकेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
