करनाल, 16 मई।  उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी, शुद्ध और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अर्थात स्पेशल इंटेंसिव रिविजन अभियान का तीसरा चरण 30 मई से शुरू होकर दिसंबर तक चलेगा। हरियाणा में यह प्रक्रिया 15 जून से 22 सितंबर 2026 तक चलाई जायेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि इस तीसरे चरण में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया जाएगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत निर्वाचन आयोग को निर्वाचक नामावलियों की तैयारी एवं चुनावों के संचालन का अधिकार प्राप्त है। संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के पात्र हैं। आयोग का दायित्व है कि कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो तथा कोई पात्र नागरिक वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना तथा मृत, स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक मतदाताओं का सही रिकॉर्ड तैयार करना है। अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और आवश्यक दस्तावेजों की जांच करेंगे। हरियाणा में एसआईआर प्रक्रिया 15 जून से 22 सितंबर तक चलेगी। अब विशेष अभियान के माध्यम से प्रदेश के सभी मतदाताओं की विस्तृत जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि आयोग के अनुसार किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच एवं सुनवाई का अवसर दिए प्रारूप सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से असंतुष्ट होता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट एवं बाद में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकेगा। इसके अतिरिक्त आयोग ने स्पष्ट किया कि राज्य के बाहर से स्थानांतरित होकर आने वाले नागरिकों को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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