फतेहाबाद। दैनिक जागरण द्वारा 11 मई को ”ताक पर नियम:पंचायत विभाग में चहेते सचिवों को अतिरिक्त प्रभार की भेंट” शीर्षक से प्रकाशित समाचार ने गहरा असर दिखाया है। ग्राम सचिवों के कार्यभार वितरण में पारदर्शिता और नियमों की अनदेखी के जिस मुद्दे को जागरण ने प्रमुखता से उठाया था, उस पर अब जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है।
इस खबर के बाद ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन ने डीसी डॉ. विवेक भारती को ज्ञापन सौंपकर समान कार्यभार की मांग की थी, जिसके परिणामस्वरूप अब जिले के सभी ग्राम सचिवों को समान रूप से पंचायतें आवंटित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सीईओ ने जारी किए निर्देश
जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुरेश कुमार ने जिले के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को पत्र जारी कर कार्यभार का संतुलन बनाने को कहा है। उपायुक्त के माध्यम से प्राप्त एसोसिएशन के प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हुए अब सभी खंडों में कार्यरत ग्राम सचिवों की सूची मांगी गई है।
पत्र में स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक सचिव को समान रूप से प्रभार आवंटित किया जाए और इसकी रिपोर्ट 15 जून तक कार्यालय में जमा करवाई जाए।
नियमों की अनदेखी और पसंदीदा संस्कृति पर प्रहार
इससे पूर्व, एसोसिएशन ने आरोप लगाया था कि विभाग में कुछ ”चहेते” कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर मलाईदार सीटों पर अतिरिक्त प्रभार दिए जा रहे थे।
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष नरेश धनखड़ और उपाध्यक्ष नरेंद्र कुंडू ने बताया था कि 150 किलोमीटर दूर तक के ब्लाक में प्रभार देना न केवल पंचायती राज अधिनियम के विरुद्ध है, बल्कि इससे विकास कार्य भी बाधित हो रहे थे।
पारदर्शिता की ओर बढ़ते कदम
अधिकारियों द्वारा जारी यह नया आदेश न केवल आनलाइन स्थानांतरण नीति और एचआरएमएस पोर्टल की गरिमा बहाल करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार की आशंकाओं को भी कम करेगा। पहले बिना मुख्यमंत्री कार्यालय की अनुमति और पोर्टल अपडेट के ही प्रभार बांट दिए जाते थे, जिससे वित्तीय गबन के खतरे बढ़ गए थे।
