फतेहाबाद। जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए चलाया जा रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान अब रफ्तार पकड़ने लगा है। पिछले 15 दिनों के दौरान 300 से अधिक छात्राओं ने एचपीवी वैक्सीन लगवाई है, जबकि जिलेभर में अब तक करीब 650 किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के तहत जिले में करीब आठ हजार पात्र छात्राओं को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया है।जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त निगरानी में यह अभियान स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को समय रहते सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए स्वास्थ्य टीमें गांवों और शहरी क्षेत्रों में लगातार विशेष सत्र आयोजित कर रही हैं।

14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियां हैं पात्र

इस अभियान के तहत वही किशोरियां पात्र होंगी जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है और यही संक्रमण आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर का कारण बनता है।

एचपीवी टीका इस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है और भविष्य में कैंसर का खतरा काफी हद तक कम कर देता है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे बड़ा कैंसर माना जाता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण ही सबसे प्रभावी बचाव है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह टीका पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। भारत सरकार द्वारा अनुमोदित इस वैक्सीन का उपयोग विश्व के 160 से अधिक देशों में किया जा रहा है।

डॉक्टरों की निगरानी में लगाए जा रहे टीके

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पात्र किशोरियों को वैक्सीन की केवल एक खुराक दी जाएगी और अभियान को तीन माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टीकाकरण प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा डाक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। इसके लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और पीएचसी स्तर तक विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग अभिभावकों को भी जागरूक कर रहा है ताकि टीकाकरण को लेकर किसी प्रकार की भ्रांतियां न रहें। विभाग का कहना है कि निजी अस्पतालों में यह वैक्सीन काफी महंगी है, लेकिन सरकार पात्र किशोरियों को यह टीका पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध करवा रही है।

इन परिस्थितियों में नहीं लगाया जाएगा टीका

टीकाकरण के बाद इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, हल्का बुखार या चक्कर आने जैसे सामान्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाते हैं। निर्धारित आयु सीमा से बाहर की किशोरियों, पहले से एचपीवी वैक्सीन ले चुकी बच्चियों, वैक्सीन के किसी घटक से गंभीर एलर्जी रखने वालों तथा मध्यम या गंभीर बीमारी से पीड़ित किशोरियों को यह टीका नहीं लगाया जाएगा।

टीकाकरण से पहले ओटीपी आधारित सहमति और आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों की लिखित अनुमति भी ली जा रही है। सभी लाभार्थियों का रिकार्ड आनलाइन यू-विन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। टीकाकरण के बाद छात्राओं को डिजिटल प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा, जिसे मोबाइल नंबर पर भेजे गए लिंक के माध्यम से डाउनलोड किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम लगी हुई है। लड़कियों को अगर वैक्सीन लगती है तो सर्वाइकल कैंसर से बच सकती है। यह पूरी तरह सुरक्षित है। अब तो हर सेंटर पर यह वैक्सीन लग रही है ताकि जल्द से जल्द लड़कियों को कवर किया जा सके।

– सन्नी मल्होत्रा डिप्टी सिविल सर्जन।

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