चंडीगढ़। हरियाणा के चर्चित 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में अब पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। सीबीआई ने इस मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए इन अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सीबीआई की पूछताछ की मांग पर अपनी सहमति दे दी है। इसके बाद संबंधित फाइल को अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री की औपचारिक स्वीकृति मिलते ही सीबीआई आरोपित आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर देगी।

फर्जी कंपनियों के जरिए गबन का आरोप

जाँच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सरकारी पैसे को खुर्द-बुर्द करने के लिए बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने ड्राइवर, निजी सचिव  और अशिक्षित महिलाओं के नाम पर फर्जी कंपनियां तैयार की थीं।

इन फर्जी कंपनियों के माध्यम से सरकारी धन को अवैध रूप से निकाला और उपयोग किया गया। ‘कैपको फिनटेक’ नामक एक फर्जी कंपनी के खातों में ही अकेले 471 करोड़ रुपये डाले गए थे।

सुरजेवाला करेंगे मीडिया से बात

इस बड़े घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रणदीप सुरजेवाला इस पूरे मामले और जाँच की प्रगति को लेकर मीडिया से बातचीत करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे।

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