समालखा। नगर निकाय विभाग के सफाई कर्मचारियों की दो दिनों से चल रही हड़ताल से जगह जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। राहगीर उसी से आवाजाही कर रहे हैं।
दुकानदारों ने भी अपनी दुकान आगे सफाई कर कूड़े के ढेर लगा दिए हैं। दो दिनों से नालों की सफाई भी नहीं हो सकी है, जिससे जगह जगह गंदा पानी अटका है। रविवार को कर्मचारियों की छुट्टी होती है, जिससे सफाई व्यवस्था चरमराने का अंदेशा है।
नगर परिषद में नियमित काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की संख्या 70 के करीब है। सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दो दिनों से परिषद के गेट के बाहर टेंट लगाकर धरना पर बैठे हैं। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
परिषद के पास सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। कर्मचारी यूनियन के स्थानीय शाखा प्रधान रणबीर सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर, 2025 को अदालत ने उनके हक में फैसला दिया था, जिसे सरकार ने अभी तक लागू नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि उनकी यूनियन वर्षों से निकाय में आउट सोर्सिंग और ठेका प्रथा बंद करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, सफाई कर्मचारियों के नए पद सृजित करने, पुरानी पेंशन और प्रमोशन पालिसी लागू करने की मांग करते आ रही है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यूनियन के आह्वान पर कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल में शामिल हुए हैं।
66 हजार है शहर की आबादी
शहर की आबादी 66 हजार के करीब है। पालिका को परिषद बने नौ माह हो चुका है, लेकिन अभी तक सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई नहीं है। करीब डेढ़ साल पहले शहर का सीमा विस्तार भी हुआ था। दर्जन के करीब नई कालोनियां शहर में शामिल हुई हैं।
सफाई कर्मचारियों के अभाव में वहां भी सफाई व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। शहर में 17 वार्ड और आधा दर्जन मुख्य सड़कें हैं। नियमित कर्मचारियों को यहीं की सफाई से ही फुर्सत नहीं मिल रही है।
