हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष होंगे मुख्य अतिथि, वंदे मातरम् से होगा शुभारम्भ
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू रहेंगे विशिष्ट अतिथि
3 अप्रैल को रिहर्सल अनिवार्य, अनुपस्थित रहने पर नहीं मिलेगा प्रवेश
कुरुक्षेत्र, 2 अप्रैल। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में 35वां वार्षिक दीक्षांत समारोह 4 अप्रैल 2026 को प्रातः 10.00 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्रीमद्भगवद्गीता सदन (ऑडिटोरियम) में आयोजित किया जाएगा। इस गरिमामय समारोह में हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और विद्यार्थियों को दीक्षांत भाषण देंगे। समारोह का शुभारम्भ वंदे मातरम् से किया जाएगा।
दीक्षांत समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री राजेश बिंदल अतिविशिष्ट अतिथि तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री शील नागू विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस अवसर पर वर्ष 2024-25 के करीब 3 हजार विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। यह समारोह विद्यार्थियों के वर्षों के परिश्रम, समर्पण और सफलता का उत्सव है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि दीक्षांत समारोह के लिए अब तक 2046 पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं और समारोह को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
रिहर्सल अनिवार्य, अनुपस्थित रहने पर नहीं मिलेगा प्रवेश
डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि दीक्षांत समारोह से एक दिन पूर्व 3 अप्रैल 2026 को दोपहर 3.00 बजे अनिवार्य रिहर्सल आयोजित की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों के लिए इसमें भाग लेना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि रिहर्सल में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को मुख्य समारोह में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ड्रेस कोड और स्टोल के रंग तय
समारोह की गरिमा बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है।
पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा या सफेद शर्ट-पैंट, साथ में काले जूते/सैंडल। महिलाओं के लिए क्रीम रंग की साड़ी (गोल्डन बॉर्डर सहित) या सफेद सलवार-कमीज, साथ में काले जूते/सैंडल। डिग्री के अनुसार स्टोल के रंग भी निर्धारित किए गए हैं पीएचडी विद्यार्थियों के लिए नेवी ब्लू, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए ऑरेंज, स्नातक विद्यार्थियों के लिए ग्रीन स्टोल निर्धारित किए गए हैं।
दीक्षांत समारोह का सामूहिक फोटो बनेगा यादगार
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि दीक्षांत समारोह के अवसर पर सामूहिक फोटो की विशेष व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए लगभग 100 स्टैंडिंग पैनल तैयार करवाए गए हैं, ताकि समारोह के उपरांत ऑडिटोरियम हॉल के बाहर मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विभिन्न संकायों के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षकों के यादगार समूह फोटोग्राफ लिए जा सकें जिससे 35 वां दीक्षांत समारोह सभी के लिए यादगार बन सकेगा।
विभिन्न विभागों के विद्यार्थी भी अपने शिक्षकों के साथ खिंचवा सकेंगे फोटो
दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा यह सुविधा भी प्रदान की जा रही है कि विभिन्न विभागों के विद्यार्थी अपने शिक्षकों के साथ समूह फोटो खिंचवा सकें। इसके लिए विभागों की सहमति प्राप्त होने के बाद दीक्षांत समारोह बैनर उपलब्ध करवाएं गए है। दीक्षांत समारोह के बाद विद्यार्थी विभागों में जाकर अपने शिक्षकों के साथ फोटो खिंचवा सकते हैं।
दीक्षांत समारोह के दिन सख्त दिशा-निर्देश
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि अभ्यर्थियों को सुबह 9.30 बजे तक अपनी निर्धारित सीट पर बैठना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखना तथा अनावश्यक आवाजाही से बचना जरूरी होगा। समारोह के दौरान मोबाइल या कैमरे के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा तथा कार्यक्रम समाप्त होने से पहले किसी भी अभ्यर्थी को सभागार छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
डिग्री वितरण की विशेष व्यवस्था
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि पीएचडी धारकों को मंच पर बुलाकर कुलाधिपति द्वारा उपाधि प्रदान की जाएगी, जबकि अन्य अभ्यर्थियों को उनकी सीट पर ही डिग्री वितरित की जाएगी। डिग्री प्राप्त करने के बाद कुलाधिपति एवं कुलपति को नमन करना अनिवार्य होगा।
अनुपस्थित अभ्यर्थियों के लिए भी व्यवस्था
जो अभ्यर्थी समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर बाद में अपनी डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।
