कब्जाधारी से आवेदन लेने के बाद ग्राम पंचायत को करना होगा प्रस्ताव पास
लाडवा, 14 जनवरी। एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि उपमंडल लाडवा के गांवों में शामलात भूमि पर वर्षों से बने मकानों में रह रहे पात्र लोगों को 16 जनवरी, 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है। जिला प्रशासन ने 31 मार्च, 2004 या उससे पहले शामलात भूमि पर बने अवैध मकानों के नियमितीकरण को लेकर पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है। इस फैसले की मांग लोग लंबे समय से कर रहे थे और अब सरकार की इस योजना से जिला के हजारों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन से लेकर रजिस्ट्री तक हर स्तर पर अधिकारियों के लिए निश्चित समय-सीमा तय की गई है, ताकि पात्र लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और प्रक्रिया बिना देरी के पूरी हो सके। उन्होंने बताया कि सभी बी.डी.पी.ओ., ग्राम सचिवों और सरपंचों को बताया गया है कि केवल वही मकान नियमितीकरण के दायरे में आएंगे, जो 31 मार्च, 2004 से पहले शामलात भूमि पर बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि पात्र लोगों को 16 जनवरी, 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि बी.डी.पी.ओ. को प्रस्ताव मिलने पर साइट निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर अपनी सिफारिश भेजनी होगी। ग्राम पंचायत के हित में प्रस्ताव को उचित माने जाने पर उपायुक्त कार्यालय द्वारा अपनी अनुशंसा सहित इसे पंचायती राज निदेशक को अग्रेषित करेंगे। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर पंचायत ही इस मामले में सक्षम प्राधिकारी होंगे। वे प्रस्ताव मिलने पर भूमि का मूल्य तय कर स्वीकृति देंगे और भूमि का मूल्य वर्ष 2004 की कलेक्टर दर का 1.5 गुना लिया जाएगा।
अनुभव मेहता ने बताया कि कब्जाधारी 16 जनवरी, 2026 से पहले किसी भी कार्यदिवस में ग्राम पंचायत के माध्यम से भूमि खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ जमाबंदी, खसरा गिरदावरी, मकान का साइट प्लान, फोटो और कब्जे से संबंधित प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद ग्राम पंचायत को प्रस्ताव पारित करना होगा। रजिस्ट्री से संबंधित स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क आवेदक को स्वयं वहन करना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तय समय-सीमा का सख्ती से पालन किया जाए और मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
