गुजरात व महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक खेती की चुनौतियां विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल

करनाल, 16 दिसंबर। गुजरात व महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि भारत के भविष्य को उन्नति की ओर ले जाने के लिए हमें केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रहना होगा बल्कि बच्चों का शिक्षा के साथ-साथ चारित्रिक, बौद्धिक, शारीरिक विकास करना होगा, उन्हें संस्कारवान बनाना होगा। आज समाज के सामने बड़ी चुनौती यह है कि युवा पीढ़ी में नशे की लत बढ़ रही है। नशा, अंधविश्वास और रासायनिक खेती आज देश व समाज के भविष्य के लिए एक गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने आह्वान किया कि यदि हमें अपनी आने वाली पीढिय़ों को सुरक्षित रखना है, तो हमें पुन: अपनी वैदिक संस्कृति और प्राकृतिक खेती की ओर लौटना होगा।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत मंगलवार को आर्य सीनियर सेकेंडरी विद्यापीठ बस्तली में स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक खेती की चुनौतियां विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पुंडरी के विधायक सतपाल जाम्बा व रोड महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। इस मौके पर राज्यपाल ने स्कूल में नवनिर्मित सभा स्थल का उद्घाटन भी किया।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने संबोधन में कहा कि कृष्ण आर्य द्वारा कई वर्षों पूर्व रोपा गया यह विद्या का पौधा आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, आज यह संस्थान शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार भी दे रहा है, जहां 2000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने पुराने समय का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले हरियाणा के गांवों में अखाड़े होते थे, लोग खेतों में पसीना बहाते थे और समाज में अटूट भाईचारा था। आज युवा नशे की ओर बढ़ रहे हैं, नशा युवाओं को खोखला कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आज हमें प्राकृतिक खेती की ओर रुख करना होगा ताकि जमीन को बंजर होने से बचाया जा सके। साल 1960 में जमीन में जो ऑर्गेनिक कार्बन 2 से 2.5 प्रतिशत था, वह आज घटकर मात्र 0.5 प्रतिशत रह गया है। धरती बंजर हो रही है और अंधाधुंध रसायनों के प्रयोग से कैंसर और शुगर जैसी बीमारियों का विस्फोट हो रहा है। प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरता बढऩे के साथ-साथ पानी की भी बचत होती है और स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से मात्र 2000 रुपये प्रति एकड़ का खर्च आता है और फसल का उत्पादन भी अधिक होता है।

इस मौके पर पूंडरी के विधायक सतपाल जाम्बा ने कहा कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ना चाहिए। यह हमारा मिशन है। उन्होंने बताया कि 2024 में सांसद नवीन जिंदल ने प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया और अब वे अपने पूरे खेत में प्राकृतिक तरीके से ही खेती कर रहे हैं।

कार्यक्रम में रोड महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करें। खेलों से जीवन में अनुशासन आता है और मन व शरीर स्वस्थ रहता है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ संस्कृति से भी अवगत कराएं, बड़ों का सम्मान करना, भाईचारे की भावना से जीवन में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करें।
स्कूल संचालक कृष्ण आर्य ने गवर्नर को शॉल और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया । इसके साथ अन्य अतिथियों का भी स्वागत किया।

इस मौके पर स्वामी नित्यानंद, धर्मबीर आर्य, रामप्रकाश, डॉ राजेंद्र, जगदीश चंद्र आर्य, ऋषि लांबा, हरपाल आर्य, पृथ्वी सिंह, प्रीतम सिंह, जगदीश आर्य, विजय पाल आर्य, कंवलजीत, सीमा आर्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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