करनाल, 20 अगस्त।   जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डीसी उत्तम सिंह के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ बठिंडा की 7 वीं बटालियन द्वारा स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम के तहत एसआई संचित के नेतृत्व में बुधवार को राजकीय मॉडल कन्या वरिष्ठ महाविद्यालय काछवा व राजकीय मॉडल कन्या वरिष्ठ महाविद्यालय दाहा में आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों व स्कूल स्टाफ को आपात स्थिति में सीपीआर देने तथा आग लगने के दौरान अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।
एसआई संचित ने बताया कि एनडीआरएफ बठिंडा की 7 वीं बटालियन द्वारा जिला के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 30 अगस्त 2025 तक स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों और स्टाफ सदस्यों को किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है।   उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत, एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों को बाढ़, भूकंप, चक्रवात, भूस्खलन, आग लगने या अन्य प्राकृतिक आपदाओं जैसी स्थितियों के समय सुरक्षित रहने, बचाव के तरीकों और प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी देगी। ये कार्यक्रम न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करेंगे, बल्कि व्यावहारिक अभ्यास भी करवाएंगे ताकि छात्र और शिक्षक वास्तविक परिस्थितियों में सही निर्णय ले सकें।
एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
एनडीआरएफ की एक टीम ने आज यमुना नदी के किनारे स्थित बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने चौगांवा, चंद्राव और गढ़ी बीरबल गांवों का दौरा कर बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया। एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के निरीक्षण का उद्देश्य संभावित आपदाओं से पहले ही तैयारी करना है। यह पहल आपदा प्रबंधन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसका लक्ष्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान को कम करना और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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