सांग राजा भोज में लोक कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा, रागनियों और अभिनय से जीता दिल
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कुरुक्षेत्र 24 जुलाई। हरियाणा कला परिषद और रंगआधार कल्चरल ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में 22 जुलाई से 24 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय रंग नाट्य उत्सव के समापन पर कुरुक्षेत्र के बस्सेसर सांगी द्वारा राजा भोज सांग का मंचन किया गया। प्रजापति धर्मशाला में आयोजित सांग में कलाकारों ने हरियाणवी संस्कृति का परिचय देते हुए राजा भोज के किस्से को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। रंगआधार कल्चरल ग्रुप के अध्यक्ष अमरदीप जांगड़ा ने उत्सव के समापन पर हरियाणा कला परिषद का धन्यवाद करते हुए कहा कि हरियाणा कला परिषद द्वारा प्रदेश में होने वाले नाट्य समारोह में हरियाणवी सांग को शामिल करना अत्यंत सराहनीय कार्य है। प्रदेश की रंगमंच कला सांग के बिना अधूरी है। अमरदीप ने हरियाणा कला परिषद के निदेशक नागेंद्र शर्मा का भी विशेष रुप से धन्यवाद किया। 22 जुलाई से शुरु हुए नाट्य उत्सव में पहले दिन नाटक गई भैंस पाणी में का मंचन कर कलाकारों ने हरियाणवी बोली में साईबर क्राईम से बचने का संदेश दिया। वहीं दूसरे दिन नाटक राजा का बाजा के माध्यम से स्वदेशी अपनाओ का संदेश देते हुए लोगों को विदेशी संस्कृति छोड़ने के लिए प्रेरित किया। इसी कड़ी में तीसरे दिन बस्सेसर सांगी और उनके साथी कलाकारों ने राजा भोज के किस्से में दिखाया कि राजा भोज परमार वंश के नौवें राजा थे। मालवा प्रदेश में रहते हुए राजा भोज ने बहुत से युद्ध किए और अपनी प्रतिष्ठा स्थापित की।राजा भोज ने अपने राज्य की उन्नति में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न होने दी। उन्होंने मालवा के नगरों व ग्रामों में बहुत से मंदिर बनवाए। इस प्रकार राजा भोज के किस्से को लोगों तक पहुंचाते हुए सांग कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सांग में असगर अली, कैलाश, साबरदीन, मौसम सिंह, सुमित कुमार, अभिषेक, राजेश कुमार, रिकूं पाल आदि कलाकारों ने हिस्सा लिया।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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