पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया।

जुए और धोखाधड़ी के आरोपों के चलते हरियाणा पुलिस द्वारा फ्रीज किए गए बैंक खातों को खोलने की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने अगली सुनवाई 10 जून तय की है। 

जस्टिस अनिल खेत्रपाल की अगुवाई वाली पीठ ने राज्य को निर्देश दिया कि वह इस बारे में जवाब दाखिल करे कि क्या कर्मचारियों के वेतन और आवश्यक व्यावसायिक खर्चों के भुगतान की अनुमति देने के लिए बैंक खातों को आंशिक रूप से डी-फ्रीज किया जा सकता है। 

हाईकोर्ट ने खारिज की डी-फ्रीज वाली याचिका

सुनवाई के दौरान प्रोबो के वकील ने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी वर्तमान में दिन-प्रतिदिन के संचालन व प्रबंधन के लिए सीमित राहत की मांग कर रही है। राज्य के वकील ने पूर्ण निर्देश प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त समय का अनुरोध किया, जिसे मंगलवार की कार्यवाही में संबोधित किया जाएगा। 

यह कानूनी लड़ाई हाल ही में दो जून को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद शुरू हुई है, जिसमें 100 करोड़ से ज्यादा की राशि वाले बैंक खाते को डी-फ्रीज करने की याचिका को खारिज कर दिया गया था। 

प्रोबो ऐप के जरिए गंवाए 20 हजार रुपये

गुरुग्राम के सेक्टर 50 पुलिस स्टेशन में 25 मार्च, 2025 को एक प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद हरियाणा पुलिस द्वारा की गई जांच के तहत खाते को फ्रीज कर दिया गया था। 

वहीं के निवासी अभिषेक जैन द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रोबो ऐप का इस्तेमाल करते समय उसने 20 हजार रुपये गंवा दिए, जो उपयोगकर्ताओं को बाइनरी है या नहीं प्रतिक्रियाओं के माध्यम से वास्तविक दुनिया की घटनाओं के परिणामों पर दांव लगाने की अनुमति देता है। 

जैन ने दावा किया कि ऐप ने जुए को ओपिनियन ट्रेडिंग के रूप में पेश करके उपयोगकर्ताओं को गुमराह किया गया। प्रोबो के वकील ने तर्क दिया कि 20 हजार रुपये के विवाद पर कंपनी के पूरे बैंक खाते को फ्रीज करना एक असंगत कदम था।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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