कुरूक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केन्द्र में आज दिनांक 5 जून, 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया। इस परिप्रेक्ष्य में केन्द्र में पर्यावरण संबंधित विभिन्न शैक्षिणक तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की गयी। इस सन्दर्भ में आज केंद्र में प्लास्टिक प्रदुषण के समाधान विषय पर एक रैली निकली गयी तत्पश्चात केन्द्र के विज्ञान उद्यान में वृक्षरोपण कार्यक्रम किया गयातथा दर्शको को तितली उद्यान में भ्रमण करया गयाजिसमे केन्द्र के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। तत्पश्चात केन्द्र के परियोजना समायोजक श्री सुरेश कुमार सोनी ने इस अवसर पर बताया की पर्यावरण संरक्षण आज ज्वलंत विषय हैं तथा कुरूक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केन्द्र पर्यावरण संरक्षण हेतु जनमान्स में चेतना जगाने के लिए कृत संकल्प हैं। श्री सोनी ने बताया कि जनसंख्या वृद्धि के कारण पर्यावरण प्रदूषण एक मुख्य खतरे के रूप में उभर रहा हैं तथा मनुष्य की बढ़ती हुई आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्राकृतिक संसाधनों के लगातार दोहन ने आज वैश्विक पर्यावरण को संकट के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया हैं। सतत् विकास हेतु पर्यावरण संरक्षण अति आवश्यक हैं। इस अवसर पर केन्द्र के शिक्षा अधिकारी श्री जीतेन्द्र कुमार दास ने बताया कि आज केन्द्र मे दर्शको के लिए पर्यावरण प्रश्नोत्रि कार्यकर्म रखा गया, जिसमे विजताओ को पुरस्करीत किया गया।

श्री जीतेन्द्र कुमार दास ने बताया कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का मुख्य उदेश्य  प्लास्टिक प्रदूषण से निपटना है। केन्द्र के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने शपथ ली की जिन पौधों को आज लगाया है वे उनकी देखरेख स्वयं करेंगे। श्री जीतेन्द्र कुमार दास ने बताया कि केन्द्र में 09 जून से 13 जून तक ग्रीष्मकालीन अभिरूचि शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन अभिरुचि शिवरों हेतु किसी भी कार्य दिवस पर केन्द्र में आकर पंजीकरण करवाया जा सकता है। श्री जीतेन्द्र कुमार दास ने बताया कि ये ग्रीष्मकालीन अभिरूचि शिविर विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के शैक्षणिक अनुकूलता के आधार पर छः संकायों में आयोजित किये जाएगें और इस बार स्कूली विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए खगोल विज्ञान एवं रसायन विज्ञान पर आधारित दो नए संकाय शुरू किए जाएंगे। इन सभी कार्यक्रमों का वर्गीकरण कक्षा के आधार पर किया गया हैजिसमें प्रथम कक्षा से तीसरी कक्षा के लिए अवांछनीय एवं खराब पदार्थों से रचनात्मक कार्य पर आधारित ‘रचनात्मक कला‘ संकाय उपलब्ध हैं। तीसरी से छठी कक्षा हेतु प्रकृति एवं प्रकृति विज्ञान पर आधारित क्रियाकलाप ‘प्रकृति को जानिए‘ संकाय उपलब्ध हैं। 7वीं से 8वीं कक्षा हेतु भौतिकी विज्ञान एवं खगोल विज्ञान पर आधारित ‘वैज्ञानिक खिलौने बनाना एवं खगोल विज्ञान कार्यशाला‘ के दो संकाय उपलब्ध हैं। 9वीं एवं 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों हेतु पदार्थों की भौतिक एवं रासायनिक गुणों तथा उनकी रासायनिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित ‘रसायन विज्ञान को समझना‘ संकाय उपलब्ध हैं। 11वी से 12वीं कक्षा हेतु इलैक्ट्रोनिक परिपथ की समझ एवं परिकल्पना हेतु आधारभूत तथ्यों को समझाने हेतु ‘इलैक्ट्रानिक्स के चमत्कार‘ संकाय उपलब्ध हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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