अंतर्राष्टï्रीय सरस्वती महोत्सव में नजर आया बसंत पंचमी के पर्व का रंग, विद्यार्थियों ने मां सरस्वती की रंगोली बनाकर किया दर्शकों को आकर्षित, उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच व एसडीएम अमन कुमार ने हवन में आहुति डालकर की तीर्थ की परिक्रमा
पिहोवा 2 फरवरी – बसंत पंचमी के पावन पर्व पर पवित्र सरस्वती तीर्थ के तट पर 21 कुंडीय हवन यज्ञ में सैंकड़ों लोगों ने आहुति डाली। इस हवन यज्ञ में पूर्ण आहुति डालकर देश के नागरिकों के लिए सुख शांति की कामना की है। अहम पहलु यह है कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच, उनकी धर्मपत्नी सरोज, एसडीएम अमन कुमार ने पवित्र सरस्वती तीर्थ की परिक्रमा की और मंदिर में मां सरस्वती की मूर्ति को स्थापित किया।
अंतर्राष्टï्रीय सरस्वती महोत्सव 2025 के मुख्य कार्यक्रमों के अंतिम दिन रविवार को हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से पवित्र सरस्वती तीर्थ के तट पर 21 कुंडीय हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस आयोजन का शुभारंभ हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने किया। यहां पर प्रत्येक हवन कुंड पर शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ साधु संत और अधिकारीगण तथा युवा पीढ़ी ने भी मंत्रोच्चारण के बीच हवन यज्ञ में पूजा अर्चना की और अपने-अपने कुंड में पूर्ण आहुति डाली। इसके बाद बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने अपने सिर पर मां सरस्वती की प्रतिमा को उठाकर तीर्थ की परिक्रमा की उनके साथ उनकी धर्मपत्नी सरोज, एसडीएम अमन कुमार, नपा चेयरमैन आशीष चक्रपाणी सहित तमाम गणमान्य लोगों और अधिकारियों ने परम्परा अनुसार परिक्रमा में भाग लिया और अंत में मां सरस्वती के मंदिर में मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना की है।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों के अंतिम दिन सरस्वती तीर्थ के किनारे स्थित प्रत्येक गांव में बसंत पंचमी पर्व मनाया जा रहा है और सभी जगह पीले चावल व हलवा बनाकर लोगों में प्रसाद वितरित किया गया और हवन यज्ञ के साथ-साथ धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अब इस महोत्सव के साथ प्रदेश का हर व्यक्ति जुडऩे लगा है। इस अवसर पर सरस्वती हैरिटेज बोर्ड सदस्य रामधारी शर्मा, युधिष्ठिर बहल, गुरविंदर मोरथली, तरणदीप वड़ैच ,बलबीर गुर्जर, विकास गर्ग समाजसेवी, हरिओम अग्रवाल, एडवोकेट मोहित शर्मा, अमन विडलान, मंडल अध्यक्ष प्रिंस मंगला, डा. सतीश सैनी, सुखबीर सैनी, जेपी महला, गुरनाम मालिक, सुखदेव मंडल अध्यक्ष, डीपी दस्तूर, शिव दर्शन मुरार, डा. अवनीत वड़ैच, अरविंद कौशिक, विकल चौबे सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में दी जा रही है जानकारी : शैलजा सैनी
पिहोवा 2 फरवरी – पिहोवा धर्मनगरी के सरस्वती तीर्थ के पावन तट पर 29 जनवरी से 4 फरवरी तक चलने वाले अंतर्राष्टï्रीय सरस्वती महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी लगाई गई है। वन स्टॉप सेंटर प्रबंधिका शैलजा सैनी ने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर के निर्देशानुसार व उपायुक्त नेहा सिंह के मार्गदर्शन में पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर अंतर्राष्टï्रीय सरस्वती महोत्सव मेंं जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से अंतर्राष्टï्रीय सरस्वती महोत्सव में जिला स्तर पर चल रहे वन स्टॉप सेन्टर के बारे में पीडि़त महिला जैसे बलत्कार घरेलू हिंसा योन शोषण, महिला तस्करी, अपहरण से पीडि़त महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है व हरियाणा महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा रही है। उन्होंने विभाग की स्कीमों को ऋण योजना, शिक्षा ऋण योजना, विधवा ऋण योजना इत्यादि के बारे में महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को विस्तृत रूप से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नवजात बच्चे के जीवन को बचाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर डायल किया जा सकता है। इस हेल्पलाइन नंबर के साथ-साथ सरकार की हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी सूचना दी जा सकती है। इन नंबरों पर सूचना मिलने के तुरंत बाद नवजात बच्चें को मिशन वात्सल्य के तहत बनाएं गए केन्द्रों में भेजा जाएगा। इन केन्द्रों पर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का संरक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों को पालने में असमर्थ अभिभावक अपने नवजात बच्चों को झाडिय़ों, डस्टबीन या अन्य सार्वजनिक असुरक्षित स्थानों पर रख देते है। इन स्थानों पर नवजात बच्चे की जिंदगी को खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशानुसार ऐसे नवजात बच्चों के अभिभावक अपने नवजात बच्चों को जिले में शिशु पालन स्वागत केंद्र में रख सकते है। यहां पर जिला बाल संरक्षण यूनिट या बाल कल्याण समिति के द्वारा अपने संरक्षण में लेकर नवजात बच्चों को आगे गोद प्रक्रिया में डाल सकते है।
उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों का प्रत्याग करने वाले संबंध में जिला बाल कल्याण संरक्षण कार्यालय के प्रथम तल कमरा नंबर 219 लघु सचिवालय व बाल कल्याण समिति कमरा नंबर 218 प्रथम तल लघु सचिवालय में सम्पर्क कर सकते है। इसके अतिरिक्त किसी भी जनसाधारण द्वारा इस विषय की सूचना हेल्पलाइन नंबर 112 और चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर 1098 पर तुरंत दी जा सकती है। इस सूचना के मिलते ही नवजात बच्चे की जिंदगी को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों को झाडिय़ों, कूड़े के ढ़ेर व अन्य असुरक्षित स्थान पर ना फैंके बल्कि अस्पतालों के सामने स्थापित किए गए शिशु पालन केन्द्र में रखें। इस जिले में एलएनजेपी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिहोवा, बाल देख रेख संस्थान कुरुक्षेत्र, ओपन सेल्टर होम में नवजात बच्चों का पालन करने की व्यवस्था की गई है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी इंदु शर्मा के द्वारा पोक्सो एक्ट 2012 व किशोरी न्याय अधिनियम 2015 व योन शोषण, बाल अपराध, बाल मजदूरी कानून, बच्चों को सरकार की और से मिलने वाली फोस्टर केयर और स्पांसरशिप योजना के विषय में जानकारी दी गई। इस मौके पर वन स्टॉप सेंटर इन्चार्ज शैलजा सैनी, काउंसलर गुरप्रीत कौर व दीपक मित्तल उपस्थित थे।

लक्ष्य स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए खादय पदार्थ बने पर्यटकों की पहली पसंद अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में हाथ से बने स्वादिष्ट खादय पदार्थों का चख रहे है स्वाद, लक्ष्य स्वयं सहायता समूह हिसार द्वारा पहली बार लगाया गया महोत्सव में स्टॉल, महोत्सव में आने वाले प्रत्येक पर्यटक जमकर कर रहे है प्रशंसा
पिहोवा 2 फरवरी – पिहोवा धर्मनगरी के सरस्वती तीर्थ के पावन तट पर 29 जनवरी से 4 फरवरी तक अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में लक्ष्य स्वयं सहायता समूह द्वारा हाथ से बने खादय पदार्थ का स्टॉल लगाया गया है और इस स्टाल पर हाथ से बने खादय पदार्थ महोत्सव में आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बनी है।
लक्ष्य स्वयं सहायता समूह से मुकेश जांगड़ा, ममता शर्मा व पिंकी शर्मा ने बताया कि वे पहली बार अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आए है तथा वे इस महोत्सव में हाथ से बनी खादय वस्तुएं कचौरी, पापड़ी, कड़ी कचौड़ी, आचार, दहीं कचौड़ी व अप्पे साथ लेकर आए है। उन्होंने कहा कि वे आत्मनिर्भर होने के लिए पहली बार घर से बाहर निकले है तथा इस महोत्सव में उनके हाथ से बनी हुई खादय पदार्थों की लोग जमकर प्रशंसा कर रहे है। इस अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आने वाला प्रत्येक पर्यटक उनके हाथ से बने खादय पदार्थों का जमकर स्वाद चख रहे है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आने वाले पर्यटक व वीवीआईपी उनके द्वारा बनाए गए खादय पदार्थों की जमकर प्रशंसा कर रहे है। इतना ही नहीं इन खादय पदार्थों का लोग जमकर स्वाद चख रहे है। उन्होंने कहा कि वे हिसार से पहली बार इस महोत्सव में भाग लेने के लिए आए है तथा इस महोत्सव में उनके द्वारा बनाए गए खादय पदार्थ लोगों की पहली पसंद बने है। जिस प्रकार से इस अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में उनके द्वारा बनाए गई खाने की वस्तुओं को महोत्सव में आने वाले पर्यटकों ने सराहा है इससे उनका मनोबल बढ़ा है और उनका कहना है कि इस प्रकार के महोत्सव में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वे आगे भी हाथ से बनी वस्तुओं को पर्यटकों तक पहुंचाएंगे जिनाक महोत्सव में आने वाले लोग लुफ्त उठाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव ने उनको आत्मनिर्भर होने का जो मंच दिया है इससे उनका मनोबल बढ़ा है।
लक्ष्य सहायता समूह से ममता शर्मा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का मंच महिलाओं के लिए एक अच्छा मंच है जो घर बैठी महिलाओं को आत्मनिर्भर होने का अवसर प्रदान करता है। पिंकी शर्मा ने कहा कि वे इन खादय पदार्थों के साथ-साथ बहुत ही स्वादिष्ट आचार व हाथ से बनी सज्जा सजावट का काम भी करती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के महोत्सव में आने से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ महिलाओं को आगे बढऩे का मौका देता है जिसमें महिलाओं में छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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