अंबाला। जग्गी ग्रैंड व जग्गी सिटी सेंटर के मालिक हरदीप सिंह जग्गी व उसके बेटे सरबजोत जग्गी और जग्गी ग्रैंड के जीएम व कमांडिंग अफसर और ‘आवाज 24 न्यूज’ के संचालक सुखविंदर सिंह निवासी बरनाला की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हरदीप सिंह जग्गी व सरबजोत जग्गी एक तथाकथित चैनल ‘आवाज 24 न्यूज’ चला रहे हैं ताकि उनके अवैध कार्याें के खिलाफ बोलने वालों को बदनाम किया जा सके और इस चैनल ‘आवाज 24 न्यूज’ को हरदीप सिंह जग्गी व सरबजोत जग्गी के प्रोजेक्ट जग्गी ग्रैंड के तथाकथित जीएम व कमांडिंग अफसर सुखविंदर सिंह बरनाला चला रहे हैं और सुखविंदर सिंह ने ‘आवाज 24 न्यूज’ पर वीरेश शांडिल्य को ब्लैकमेलर बताया और कहा कि जज के सामने ‘वीरेश शांडिल्य ने दी धमकी और धमकी देने के बाद वीरेश शांडिल्य कोर्ट से फरार हुआ’ जिसके बाद वीरेश शांडिल्य ने इस घटना की शिकायत अंबाला के सैशन जज को दी और सैशन जज ने वीरेश शांडिल्य को आरोपी सुखविंदर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए लिखा और आज वीरेश शांडिल्य ने अपने वकील सुमित शर्मा, एडवोकेट वीरेंद्र सागर, एडवोकेट नेहा के माध्यम से सीजेएम विवेक चौधरी की अदालत में आपराधिक धाराओं 356(1) 356(2)61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत केस दायर किया और इसमें वीरेश शांडिल्य के साथ साथ अंबाला के अतिरिक्त सैशन जज व सीसीटीवी कैमरे के इंचार्ज को गवाह बनाया गया है। वीरेश शांडिल्य ने अपने वकील की मौजूदगी में सीजेएम विवेक चौधरी को दलीले दी कि सोशल मीडिया अब अदालतों पर भी झूठे आरोप लगा रही है। वीरेश शांडिल्य ने सीजेएम कोर्ट में दायर हरदीप सिंह जग्गी, सरबजोत जग्गी व सुखविंदर सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और हरदीप सिंह जग्गी और सरबजोत जग्गी को भूमाफिया बताया और कहा कि 27 सितंबर को धूलकोट में हरदीप सिंह जग्गी व सरबजोत जग्गी 3 मंजिला अवैध बिल्डिंग बना रहा था जो ताश के पत्तों की तरह गिर गई और 7 मजदूर मौत के मुंह में चले गए और वीरेश शांडिल्य ने कहा कि शिकायतकर्ता ने गरीब मजदूरों का साथ दिया और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आगे मरने वाले परिवारों को इंसाफ दिलाने की मांग की। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि जग्गी परिवार यह मानता है कि अगर वीरेश शांडिल्य गरीब मजदूरों के साथ न खड़ता तो उन पर कार्रवाई न होती और उसका बदला लेने के लिए हरदीप सिंह जग्गी व सरबजोत जग्गी ने वीरेश शांडिल्य के खिलाफ जग्गी ग्रैंड के जीएम एवं कमांडिंग अफसर सुखविंदर से अपने चैनल पर फर्जी खबरें लगवाकर वीरेश शांडिल्य को ब्लैकमेल बताया और जज साहब को भी बदनाम करने की साजिश रची। अदालत ने वीरेश शांडिल्य व उनके वकील सुमित शर्मा की दलीले सुनने के बाद वीरेश शांडिल्य के केस को अगली सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए तपिंदर कौर की कोर्ट में केस ट्रांसफर किया।
