नारायणगढ़, 28 अक्टूबर
राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ में प्राचार्य रोहित कुमार की अध्यक्षता में महिला प्रकोष्ठ एवं महत्वपूर्ण दिवस समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में दिवाली मेले का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम शिवजीत भारती ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि महारानी पद्मावती राजकीय महिला महाविद्यालय, शहजादपुर की प्राचार्या मीनाक्षी शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दिवाली मेले की संयोजक प्रोफेसर रेणु कुमारी रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम शिवजीत भारती ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य रोहित कुमार ने मुख्य अतिथि एवं महारानी पद्मावती राजकीय महिला महाविद्यालय, शहजादपुर की प्राचार्या मीनाक्षी शर्मा का बेम्बु ट्री भेंट कर स्वागत किया।
एसडीएम शिवजीत भारती ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। ऐसे मंच विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और उद्यमशीलता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों में बदलने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय कला, हस्तनिर्मित वस्तुओं और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को प्रोत्साहन देना समय की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ त्योहारों को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार तरीके से मनाने की प्रेरणा देते हैं।
दिवाली मेले में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, कलात्मक प्रतिभा और उद्यमशीलता का शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न आकर्षक स्टॉल लगाए। मेले में हस्तशिल्प एवं सजावटी वस्तुएं, पारंपरिक मिठाइयां और स्नैक्स, त्योहारी व्यंजन एवं पेय पदार्थ, रंगोली और दीया किट, फैशन एवं आभूषण, मेहंदी एवं टैटू कला तथा खेल और मनोरंजन से संबंधित स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने पर्यावरण-अनुकूल दीपावली का संदेश देते हुए मिट्टी के दीयों और हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं को भी प्रदर्शित किया।
मेले में रिंग्स गेम्स, पेंसिल स्केच, जैकपॉट जंक्शन, थ्रो एंड विन और मिट्टी की मुस्कान जैसी गतिविधियों ने विद्यार्थियों और आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। खेलों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा दिखाई।
एसडीएम शिवजीत भारती ने रिंग्स गेम्स सहित विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां और सजावटी दीये खरीदकर उनके हुनर की सराहना की। इससे विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता और मेहनत का महत्व समझने के साथ-साथ स्वरोजगार के प्रति प्रेरणा मिली।
महारानी पद्मावती राजकीय महिला महाविद्यालय, शहजादपुर की प्राचार्या मीनाक्षी शर्मा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आपसी सहयोग की भावना विकसित करने और नए कौशल सीखने का अवसर मिलता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य रोहित कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और स्वरोजगार के प्रति रुचि विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने तथा भविष्य में उद्यमशीलता के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
दिवाली मेले की संयोजक प्रोफेसर रेणु कुमारी ने कहा कि दिवाली उत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी प्रतिभागियों और समिति के सदस्यों की सराहना की।
विभिन्न स्टॉलों एवं गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. अपूर्वा चावला, डॉ. सुमन लता, डॉ. रेणु गुप्ता, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. गुरविंदर, प्रो. कविता, प्रो. चेतन, आशिमा ठाकुर, डॉ. सपना गुप्ता और डॉ. सपना सैनी ने निभाई। इस अवसर पर प्रोफेसर संजीव कुमार (इतिहास) तथा प्रोफेसर सुभाष कुमार सहित अन्य प्रोफेसर भी मौजूद रहे।
महिला प्रकोष्ठ एवं महत्वपूर्ण दिवस समारोह समिति के संयुक्त प्रयासों से आयोजित यह दिवाली मेला विद्यार्थियों के लिए उत्सव, रचनात्मकता, व्यावहारिक शिक्षा और उद्यमशीलता का प्रेरणादायक मंच बना। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
