अंबाला। किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से चल रहा फार्मर रजिस्ट्री (एग्री स्टैक) अभियान अब तेज गति पकड़ रहा है।
गांव स्तर तक कृषि डेटा को डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की यह पहल ग्रामीण प्रशासन और तकनीक के संगम के रूप में देखी जा रही है। इस अभियान के तहत सीएससी वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) अब किसानों की फार्मर आइडी तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
प्रत्येक सफल पंजीकरण पर 15 रुपये का प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जबकि किसानों से इस सेवा के लिए कोई शुल्क न लेने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए वीएलई को https://hrfr.agristack.gov.in/farmer-registry-hr/#/ पोर्टल के माध्यम से गांव-वार लंबित आवेदनों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे सीधे किसानों से संपर्क कर पंजीकरण प्रक्रिया को तेज कर सकें।
इसके साथ ही रेवेन्यू हरियाणा आधार सीडिंग डैशबोर्ड के जरिए जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर यह भी देखा जा सकता है कि किन किसानों की आधार सीडिंग और फार्मर आईडी पूरी हो चुकी है।
अभियान में पटवारी, कृषि विभाग के अधिकारी और अन्य कर्मचारी भी गांव में पहुंचकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान डिजिटल पहचान से वंचित न रहे।
