शाहाबाद, 2 जून। एसडीएम शंभू राठी ने बताया कि हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी पहल ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर पात्र वृद्धजन श्रद्धालुओं को पवित्र तीर्थस्थल श्री सोमनाथ मंदिर, प्रभास पाटन, वेरावल (गुजरात) के दर्शन करवाए जाएंगे। यह पर्व सोमनाथ मंदिर की 1000 वर्ष की अखंड आस्था तथा पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए 8 जून को एक विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी, जिसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
एसडीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत यह यात्रा पूरी तरह निशुल्क होगी। पात्र श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान आवास, भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इच्छुक श्रद्धालु 6 जून तक सरल हरियाणा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। इसलिए पात्र लाभार्थियों से समय रहते आवेदन करने का आग्रह किया गया है। इस यात्रा पर होने वाला समस्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
एसडीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। योजना के तहत आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए तथा उसके परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसके अलावा, योजना के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति तीन वर्ष की अवधि में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण करवाने वाले सभी लाभार्थी 6 जून तक लघु सचिवालय स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में अपनी जानकारी अवश्य उपलब्ध करवाएं, ताकि यात्रा से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने जिले के पात्र वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे इस जनहितकारी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और पवित्र सोमनाथ धाम के दर्शन कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।
एसडीएम शंभू राठी ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। इनमें वैध फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड अथवा अन्य सरकारी पहचान पत्र), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), यात्रा के लिए शारीरिक रूप से फिट होने संबंधी फिटनेस प्रमाण पत्र तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने संबंधी स्व-घोषणा पत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना तथा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) होना अनिवार्य है।

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