कुरुक्षेत्र, 7 मई : देश के विभिन्न राज्यों से घरों से निकाले गए एवं अपनों द्वारा ठुकराए गए बुजुर्गों को आश्रय देने वाले प्रेरणा वृद्धाश्रम ने आज देश विदेश में काफी ख्याति हासिल कर ली है। इस वृद्धाश्रम को वर्षों पहले स्थापित करने के लिए भूमि दान करने में प्रमुख समाजसेवी महिला प्रकाश रानी खुंगर का विशेष योगदान रहा है। प्रेरणा वृद्धाश्रम में वीरवार को प्रकाश रानी खुंगर की स्मृति में पार्क का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर प्रेरणा वृद्धाश्रम के संस्थापक एवं संचालक डा. जय भगवान सिंगला की धर्मपत्नी आशा सिंगला ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। मुख्य अतिथि आशा सिंगला ने कहा कि समाज सेवा की भावना से ओत-प्रोत प्रकाश रानी खुंगर ने अपनों द्वारा सताए बुजुर्गों की सेवा के लिए स्थापित होने वाले प्रेरणा वृद्धाश्रम के लिए भूमि देकर इस वृद्धाश्रम का निर्माण करवाने में नींव के पत्थर की भूमिका निभाई थी। उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन से मात्र कुछ समय में ही वृद्धाश्रम बनकर तैयार हो गया था। इसी अवसर पर डा. जय भगवान सिंगला ने कहा कि दिखावे से कोसों दूर बिना किसी प्रचार की इच्छा से प्रकाश रानी खुंगर द्वारा वृद्धाश्रम के निर्माण के लिए दिया गया भूमि दान हम कभी नहीं भूला सकते हैं। उन्होंने कहा कि वो एक बहुत ही शांत स्वभाव की प्रभु भक्तिनी और सबके साथ सहयोग से कार्य करने वाली महिला थी। जिन्होंने प्रेरणा संस्था के सदस्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और उसके सहयोग फलस्वरुप आज यह वृद्धाश्रम लोगों की सेवा का केंद्र बना हुआ है। इस अवसर पर हरकेश पपोसा ने मंच संचालन किया और प्रकाश रानी खुंगर की भूरी भूरी प्रशंसा की। किरण गर्ग ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व विरले ही होते हैं जो बिना किसी स्वार्थ के तन मन धन से समाज सेवा करते हैं। इस अवसर पर सुरेखा ने एक मधुर भजन प्रस्तुत किया। वृद्धाश्रम में रहने वाली मंजुला शर्मा, कौशल माता, बलवंत कौर और अन्य कई बुजुर्गों ने प्रभु भक्ति के गीत सुनाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। .इस मौके पर नरेश गर्ग, जसबीर गुंबर, आशा गुंबर, सुरेखा, बिमला सिंगला, शिल्पा सिंगला, मोनिका सिंगला, आदित्य सिंगला, उषा सच्चर, सरला उषा, शमा, श्यामा मल्होत्रा, बलविंदर, संतोष, चंद्रकांत ठक्कर, दीवान चंद, मंगत राम, जोगिंदर श्रीवास्तव, शुकदेव पांडे, दिलावर पोला और आश्रम के सभी बुजुर्ग मौजूद रहे।
