चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने लोगों को डंकी (अवैध) रूट से विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों पर सख्त कार्रवाई के लिए फिर से विधानसभा में ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन (संशोधन) विधेयक-2026 पास किया है।

केंद्र सरकार इस बिल को वर्ष 2024 और 2025 दो बार तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए वापस लौटा चुकी है, जिसके चलते तीसरी बार आपत्तियों को दूर करते हुए संशोधित विधेयक पास किया गया है।

हालांकि, बिल को सिलेक्ट कमेटी या विधि विभाग के पास भेजने का प्रस्ताव नकारने पर कांग्रेस विधायकों ने दावा किया कि खामियों के चलते केंद्र सरकार इसे फिर वापस लौटाएगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा सदन में रखा गया संशोधित विधेयक 2025 के मूल कानून को और सख्त बनाएगा। विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक डॉ. रघुवीर कादियान ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय वीजा नियमों का उल्लंघन है।
प्रदेश सरकार सिर्फ केंद्र सरकार की आपत्तियों से बचना चाहती है। आप देख लेना, यह बिल फिर केंद्र से वापस आएगा। उन्होंने सदन में इस बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव रखा। इस पर मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि एक्ट में बहुत थोड़े बदलाव हैं। एक्ट में जहां हरियाणा है, वहां केंद्र लिखा गया है। कांग्रेस विधायकों ने इसका विरोध किया।
पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी बिल पर क्लॉज बाय क्लॉज चर्चा करना इनका अधिकार है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आप इस पर कुछ बोलना चाहते हैं। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं क्यों बोलूं। इन्होंने दिया है, ये ही रखेंगे। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने सुझाव दिया कि पहले इसे सरकार को विधि विभाग को भेजना चाहिए, जहां चर्चा के दौरान कुछ अनावश्यक बातों को हटाया जाए। फिर इसे सदन में लाना चाहिए।

इस पर नायब सैनी ने कहा कि हम केंद्रीय कानून के खिलाफ नहीं जा सकते। जो केंद्र ने कानून बनाया है, हम उसी पर ही चलेंगे। नये कानून में प्रविधान किया गया है कि ट्रैवल एजेंट न केवल देश, बल्कि विदेश में भी अपना कोई नेटवर्क स्थापित नहीं कर सकेंगे। उनका पंजीकरण अनिवार्य होगा और बिना पंजीकरण के काम करने वाले ट्रैवल एजेंटों को जेल की सलाखों के पीछे जाना होगा।

एक्सटेंशन लेक्चरर और गेस्ट लेक्चरर को राहत

हरियाणा के कॉलेजों में पढ़ाने वाले एक्सटेंशन लेक्चरर (विस्तार प्राध्यापकों) और गेस्ट लेक्चरर (अतिथि प्राध्यापकों) को बड़ी राहत मिलने वाली है। विधानसभा में हरियाणा विस्तार प्राध्यापक और अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) संशोधन विधेयक-2026 पारित कर दिया गया। इसके तहत 15 अगस्त 2025 तक पांच साल का कार्यकाल पूरा कर चुके उन प्राध्यापकों की भी नौकरी सेवानिवृत्ति आयु तक सुरक्षित होगी, जो 30 जून 2023 तक राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पाए या जिनके पास पीएचडी की डिग्री नहीं थी।

जॉब सिक्योरिटी के लिए 21 जुलाई 2025 तक राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा पास करने या पीएचडी करने वाले प्राध्यापक भी पात्र होंगे। अनुबंध पर लगे प्राध्यापकों को 57 हजार 700 रुपये मासिक वेतन मिलेगा और साल में दो बार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के पात्र होंगे। जॉब सिक्योरिटी के लिए एक कैलेंडर वर्ष में 240 दिन काम करने की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए इसे एक वित्तीय वर्ष में 240 दिन किया गया है।

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