-आयुष विश्वविद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी सर्विस को और बेहतर बनाने पर मंथन
-विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा: कुलपति प्रो. धीमान
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में विश्वविद्यालय प्रशासन एप्लीकेशन बेस्ड डिजिटल लाइब्रेरी सर्विस को और बेहतर बनाने पर गंभीरता से मंथन कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य स्टूडेंट्स और फैकल्टी को एक ही प्लेटफॉर्म पर व्यापक अकादमिक एवं रिसर्च संसाधनों तक सरल और त्वरित पहुंच उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित डिजिटल लाइब्रेरी सर्विस के अंतर्गत ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, शोध प्रबंध (थीसिस) तथा अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री समय पर प्राप्त होगी और शोध गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। विशेष रूप से आयुर्वेद से संबंधित ग्रंथ, संदर्भ पुस्तकें और शोध-पत्र डिजिटल रूप में सुलभ कराए जाने की योजना है। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में इस दिशा में पहल की जा रही है। इसी क्रम में निंबस कंपनी के प्रतिनिधि आशीष ने विश्वविद्यालय पहुंचकर डिजिटल लाइब्रेरी प्लेटफॉर्म का डेमो प्रस्तुत किया। डेमो के दौरान प्लेटफॉर्म की उपयोगिता, एक्सेस सिस्टम और रिसर्च सपोर्ट सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि समय की मांग के अनुरूप डिजिटल संसाधनों को अपनाना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर की अध्ययन सामग्री सहज रूप से उपलब्ध हो सके।
पुस्तकालय अध्यक्ष विनोद राणा ने बताया कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल लाइब्रेरी सर्विस को अपग्रेड करने पर विचार किया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अध्ययन एवं शोध का प्रभावी माध्यम बनेगा। इस अवसर पर आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणधीर सिंह, आरएंडआई की निदेशक प्रो. दीप्ति पराशर,प्रो. जितेश कुमार पंडा, प्रो. सीमा रानी, प्रो. आशु, प्रो. अमित कटारिया, प्रो. रविंद्र अरोड़ा, प्रो. शंभू दयाल शर्मा, प्रो. नीलम रानी, प्रो. शीलत सिंगला, प्रो. सतीश वत्स सहित संस्थान के अनेक वरिष्ठ प्राध्यापक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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