डॉ. राजेश वधवा
कुरूक्षेत्र। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही सद्भाव यात्रा बुधवार को अपने 137 वें दिन में प्रवेश कर गई। बुधवार को यात्रा की शुरूआत थानेसर विधानसभा क्षेत्र के गांव अमीन से हुई उस के बाद यात्रा बीड़ अमीन, तिगरी खालसा, कुंवार खेड़ी, किरमच से गुजरते हुए जब हथीरा में संपंन हुई तो हजारों लोगों का काफिला यात्रा में जुड़ गया ।
इस मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि बीजेपी पिछले दो सप्ताह में जितनी कमजोर नजर आई उतनी साढ़े ग्यारह साल में कभी नजर नहीं आई । क्योंकि पहली बार संसद और देश के सामने कुछ ऐसे मुद्दे आ गए, जिस पर बीजेपी के पास कोई जवाब नहीं था। इनमें तीन बड़े मुद्दों में—एपस्टीन फाइल, अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील और इसका कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाला प्रभाव। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि एपस्टीन फाइल का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूचाल पैदा कर रहा है जिससे केंद्र सरकार के मंत्री तक फंस गए हैं। लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की “मजबूत नेतृत्व” की छवि को लेकर जो माहौल बनाया गया था, वह अब सवालों के घेरे में है।
ट्रेड डील का कृषि पर असर
बृजेंद्र सिंह ने भारत और अमेरिका के बीच हो रही ट्रेड डील को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं बल्कि देश की आर्थिक और कृषि व्यवस्था को प्रभावित करेगा । इस डील के बाद भारत की कृषि प्रणाली पर बाहरी नियंत्रण बढ़ेगा । उन्होंने कहा कि बीज, खाद्यान्न और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों में विदेशी दखल बढ़ेगा, जिससे देश की आत्मनिर्भरता प्रभावित होगी। विशेष रूप से कपास और टेक्सटाइल उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि इस क्षेत्र पर अमेरिका के साथ ट्रेड डील का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा । भारत का टेक्सटाइल उद्योग पूरी तरह कपास पर निर्भर है और खेती के बाद सबसे ज्यादा रोजगार इसी सेक्टर में मिलता है। इस मामले में भारत का सीधा मुकाबला बांग्लादेश से है, जिसका टेक्सटाइल उद्योग काफी पुराना और मजबूत माना जाता है। बांग्लादेश खुद कपास पैदा नहीं करता और अब तक बड़ी मात्रा में भारत से कपास खरीदता रहा है। लेकिन नई ट्रेड व्यवस्था में स्थिति बदल सकती है। उनके मुताबिक भारत से अमेरिका जाने वाले कपड़े पर 18% टैक्स लगेगा, जबकि बांग्लादेश अगर अमेरिका से कपास खरीदकर कपड़ा बनाएगा तो उसका माल अमेरिका में बिना टैक्स के बिकेगा। इससे बांग्लादेश का कपड़ा सस्ता और ज्यादा बिकाऊ हो जाएगा, जबकि भारतीय कपड़ा महंगा पड़ने से बाजार में टिक नहीं पाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि इससे भारत का टेक्सटाइल उद्योग कमजोर होगा, फैक्ट्रियां प्रभावित होंगी, कपास की मांग घटेगी और सबसे ज्यादा नुकसान किसानों और इस उद्योग से जुड़े करोड़ों लोगों के रोजगार पर पड़ेगा।
बृजेंद्र सिंह का कहना है कि यह स्थिति संकेत देती है कि सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है और देश की रणनीतिक स्वायत्तता पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो रही है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए पूरी पारदर्शिता की मांग की।
सरकार से जवाब की मांग
बृजेंद्र सिंह ने कहा कि इन सभी मुद्दों—एपस्टीन फाइल, ट्रेड डील और कृषि क्षेत्र—पर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब इन मुद्दों की पूरी सच्चाई सामने आएगी, तब देश को वास्तविक स्थिति का पता चलेगा।
इस मौके पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह, शमशेर सिंह गोगी पूर्व विधायक, उदयवीर पुनिया पूर्व अध्यक्ष-केयू छात्र संघ, सत्या शर्मा -सेक्रेटरी हरियाणा महिला कांग्रेस, निशी गुप्ता -जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस, कमलेश- ब्लॉक महिला अध्यक्ष, संतोष दहिया, छात्र नेता गीतांजली, प्रदीप मलिक, राकेश, रणधीर हथीरा, वीरेंद्र सिंह एडवोकेट, सुभाष चौहान, प्रवीण खिची समेत काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे ।
