कुवि के यूआईईटी संस्थान और नवीन जिंदल फाउंडेशन के बीच एमओयू
कुरुक्षेत्र, 5 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार को कमेटी रूम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) संस्थान तथा नवीन जिंदल फाउंडेशन, कुरुक्षेत्र के साथ समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू नवीन जिंदल फाउंडेशन के सहयोग से यूआईईटी परिसर में ‘नवीन अवसर – यूआईईटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (यूआईईटी) फॉर एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ की स्थापना हेतु किया गया है। समझौते पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल तथा नवीन जिंदल फाउंडेशन की ओर से उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय उद्योग और समाज के साथ सार्थक साझेदारी को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह एमओयू विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करेगा। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विश्वास जताया कि नवीन जिंदल फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित यह उत्कृष्टता केंद्र छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें बदलते समय की मांगों के अनुरूप सक्षम बनाना है। यह पहल ‘स्किल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को भी सशक्त करेगी।
यूआईईटी संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि नवीन जिंदल फाउंडेशन के साथ किया गया यह समझौता यूआईईटी के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। यह केंद्र विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग, अंग्रेजी भाषा एवं रोजगारोन्मुख कौशल विकास तथा अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप एवं वैश्विक अवसरों से जुड़ने का एक समर्पित मंच प्रदान करेगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से छात्रों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें बेहतर करियर अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा।
नवीन जिंदल फाउंडेशन के उपाध्यक्ष डॉ. मनीष मिश्रा ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सभी सेवाएं विद्यार्थियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क होंगी। इसके साथ ही नवीन जिंदल फाउंडेशन एआई-आधारित साइकोमेट्रिक आकलन, व्यक्तिगत करियर रिपोर्ट, करियर मार्गदर्शन, अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण, सॉफ्ट स्किल्स, कार्यस्थल व्यवहार तथा 21वीं सदी के कार्य-तत्परता कौशल विकसित करने में सहयोग करेगा।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, यूआईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. प्रियंका जांगडा, डॉ. राजेश अग्निहोत्री, डॉ. मनीष मिश्रा, कर्नल अरुण चंदेल, सलाहकार, सांसद नवीन जिन्दल कौशल विकास, धर्मवीर सिंह, आईएएस, अभिषेक सहगल,. डॉ. राज कुमार, भूषण मंगला, सोमदेव चौधरी मौजूद रहे।
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एक वर्ष के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगा एमओयू
एमओयू के अनुसार, यह सहयोग गैर-व्यावसायिक प्रकृति का होगा और प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा, जिसमें सभी सेवाएं विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। पायलट चरण के दौरान प्राप्त परिणामों के आधार पर भविष्य में इसके विस्तार की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र यूआईईटी के भीतर एक समर्पित हब के रूप में कार्य करेगा, जो छात्रों के समग्र विकास और बेहतर प्लेसमेंट अवसरों को सुनिश्चित करेगा।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (यूआईईटी) फॉर एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स के मुख्य तीन स्तंभ
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (यूआईईटी) फॉर एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स की मुख्य कार्ययोजना में तीन प्रमुख स्तंभ शामिल हैं पहला, एआई-आधारित साइकोमेट्रिक टेस्ट और विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तिगत करियर काउंसलिंग ताकि छात्र अपनी क्षमताओं को पहचान सकें; दूसरा, अंग्रेजी भाषा की दक्षता, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन और 21वीं सदी के कार्यस्थल कौशल का प्रशिक्षण; और तीसरा, पात्र छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप और वैश्विक कार्य प्रदर्शन के अवसर सुनिश्चित करना ।
विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को मिला सशक्त मंचः डॉ. प्रीतम सिंह
कुवि के ललित कला विभाग में चित्रकला एवं कला प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन
कुरुक्षेत्र, 5 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ललित कला विभाग द्वारा गुरुवार को विभाग परिसर में एक चित्रकला एवं कला प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. प्रीतम सिंह, निदेशक, डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टडीज़ सेंटर, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा किया गया।
उद्घाटन अवसर पर डॉ. प्रीतम सिंह ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, समर्पण और कलात्मक दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा को निखारने और उसे व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि कला केवल सौंदर्य अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को समझने, सामाजिक मुद्दों को उजागर करने तथा सामाजिक सौहार्द और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विश्वविद्यालय में कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए ललित कला विभाग के प्रयासों की प्रशंसा की।
विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार, नए विचारों के साथ प्रयोग करने तथा अपनी कलाकृतियों को सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत कर आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होती हैं।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विविध चित्रकृतियाँ एवं कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। ये कृतियाँ विभिन्न विषयों, शैलियों और तकनीकों का सुंदर प्रतिनिधित्व करती हैं, जो विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमता, सौंदर्य बोध तथा समकालीन एवं पारंपरिक विषयों के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाती हैं। इस अवसर पर विभाग के अन्य संकाय सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सभी ने प्रदर्शित कलाकृतियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह प्रदर्शनी 9 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10.00 बजे से सायं 4.00 बजे तक आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
पर्यावरण एवं सतत विकास पर उद्योग-समन्वित तकनीकी सत्र
कुरुक्षेत्र, 5 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन संस्थान द्वारा “पर्यावरण एवं सतत विकास” विषय पर आयोजित उद्योग-संलग्न कौशल आधारित कार्यशाला के अंतर्गत एक उन्नत तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग-उन्मुख ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल से जोड़ना है।
कार्यशाला का आयोजन सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहयोग से तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन के प्रायोजन से किया जा रहा है। सत्र में गुरुग्राम स्थित फर्स्टग्रीन कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। सीनियर प्रोजेक्ट कंसल्टेंट (सस्टेनेबिलिटी) श्री सत्यम गोपालका ने सस्टेनेबिलिटी फ्रेमवर्क, ईएसजी सिद्धांतों एवं पर्यावरण-उत्तरदायी परियोजना विकास पर व्याख्यान दिया, जबकि कंसल्टेंट (पॉलिसी एवं रेगुलेटरी) सुश्री सान्या वशिष्ठ ने पर्यावरणीय नीतियों, वैधानिक प्रावधानों एवं अनुपालन प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला का शैक्षणिक समन्वय डॉ. भावना दहिया द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उनकी उद्योग-आधारित सतत विकास प्रक्रियाओं एवं पर्यावरणीय नियामक तंत्र की समझ में वृद्धि हुई। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. परमेश कुमार सहित संकाय सदस्य डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. हरदीप राय शर्मा, डॉ. मीनाक्षी सुहाग एवं डॉ. पूजा अरोड़ा उपस्थित रहे।
बॉक्सिंग एक अत्यंत अनुशासित, साहसिक एवं लोकप्रिय खेलः प्रो. दिनेश राणा
कुवि में इंटर कॉलेज तीन दिवसीय पुरुष एवं महिला बॉक्सिंग चैम्पियनशिप का शुभारंभ
कुरुक्षेत्र, 5 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में गुरुवार को इंटर कॉलेज तीन दिवसीय पुरुष एवं महिला बॉक्सिंग चैम्पियनशिप का शुभारंभ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय खेल प्रांगण में हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन विश्वविद्यालय के खेल निदेशक प्रोफेसर दिनेश राणा ने किया। उद्घाटन अवसर पर प्रो. दिनेश राणा ने अपने विद्यालय जीवन के दौरान बॉक्सिंग खेल से जुड़े अनुभव खिलाड़ियों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग एक अत्यंत अनुशासित, साहसिक एवं लोकप्रिय खेल है, जिसमें सफलता के लिए जुनून, मेहनत और आत्मविश्वास आवश्यक है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में हरियाणा सरकार के सहयोग से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बॉक्सिंग का एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वॉलीबॉल, आर्चरी, शूटिंग एवं हॉकी के लिए भी एक्सीलेंस सेंटर विकसित किए जाएंगे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच राजेश कुमार राजौंद ने जानकारी दी कि यह प्रतियोगिता तीन दिनों तक चलेगी। प्रतियोगिता के पहले दिन महिला वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश किया।
आज खेले गए मुकाबलों में 45-48 किग्रा वजन वर्ग में जीतू (आरकेएसडी कॉलेज) ने ज्योति (गवर्नमेंट कॉलेज, पंचकुला) को हराया। मुस्कान (जनता कॉलेज) ने नेहा (आईजी कॉलेज, कैथल) को पराजित किया 51-54 किग्रा वजन वर्ग में नीतू (आरकेएसडी कॉलेज, कैथल) ने निकिता ( आईआईएचएस कुरुक्षेत्र) को 5-0 से हराया। 57-60 किग्रा वजन वर्ग में हिमांशी (आरकेएसडी कॉलेज, कैथल) ने नीतू (यूडीटी) को पहले राउंड में हराया। आंचल (दयाल सिंह कॉलेज, करनाल) ने मानसी (गुरु नानक खालसा कॉलेज, यमुनानगर) को 5-0 से हराया। 60-70 किग्रा वजन वर्ग में वंशिका (जनता कॉलेज, कौल) ने रिया (आर्य कॉलेज, पानीपत) को 5-0 से हराया। गुनगुन (एस.ए. जैन कॉलेज, अंबाला) ने सिमरन (आरकेएसडी कॉलेज, कैथल) को पहले राउंड में हराया। 80$ किग्रा वजन वर्ग (सेमीफाइनल) में अर्चना (आरकेएसडी कॉलेज, कैथल) ने तन्वी (केएमवी कॉलेज, पूंडरी) को 5-0 से हराया।काजल (एस.ए. जैन कॉलेज, अंबाला) ने पायल (डीएवी कॉलेज, करनाल) को 5-0 से पराजित किया।
निर्णायक मंडल के निष्पक्ष निर्णय एवं खिलाड़ियों के अनुशासन, फिटनेस और खेल भावना की सभी ने सराहना की। खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
इस अवसर पर ऑब्ज़र्वर डॉ. राजेश फोर, डॉ. नितिन सहगल, डॉ. सुमन, डॉ. बृजेश, कबड्डी कोच संदीप, बॉक्सिंग कोच विक्रम, कपिल यादव मंदीप, कीमत, स्वीटी, पूजा, सत्यवान, जितेंद्र, अमरजीत, गुरमीत, जसबीर, सुनील डांगी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. महा सिंह पूनिया रहेंगे आईएमसीएमटी के निदेशक, कार्यभार बढ़ाया गया
कुरुक्षेत्र, 5 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार हिंदी विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़ के प्रोफेसर डॉ. महा सिंह पूनिया के इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी (आईएमसीएमटी) के निदेशक पद का कार्यकाल 5 फरवरी से आगामी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है। यह दायित्व वे अपने नियमित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के अतिरिक्त निभाएंगे।
आईएमसीएमटी निदेशक प्रो. महा सिंह पूनिया ने उन्हें पुनः यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जाने पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे कुलगुरु द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरते हुए संस्थान के शैक्षणिक विकास, मीडिया प्रशिक्षण एवं नवाचार को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
