पुलिस महानिदेशक हरियाणा के आदेशानुसार हरियाणा पुलिस द्वारा आमजन को जागरुक करके के लिए जिला पुलिस विभिन्न जगहों पर आमजन को साईबर अपराध के बारे जागरुक कर रही है। साइबर राहगिरी के तहत जिला पुलिस ने जिला कुरुक्षेत्र के विभिन्न स्कूल कॉलेजों में छात्र/छात्राओं को साईबर अपराधों के प्रति जागरुक किया जागरुक।
जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बढ़ते साइबर अपराध को लेकर जिला पुलिस लगातार आमजन को जागरूक कर रही है। बुधवार को साइबर थाना कुरुक्षेत्र की टीम ने परशुराम कॉलेज व दयानन्द महिला कॉलेज में छात्र/छात्राओं को साईबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर साईबर जागरूकता के बोर्ड लगाए गए तथा साईबर थाना कुरुक्षेत्र की टीम द्वारा छात्र/छात्राओं को साईबर अपराधों के बारे में जागरूक करते हुए उनसे बचने के उपायों बारे बताया गया।
छात्र/छात्राओं को संबोधित करते हुए साइबर थाना प्रभारी पीएसआई महेश कुमार ने कहा कि साइबर अपराधी खुद को बैंक अधिकारी, तकनीकी सहयोगी, कस्टमर केयर एजेंट, या फिर जान-पहचान का व्यक्ति बताकर पहले भरोसे में लेते हैं। इसके बाद लोन ऐप, गेम या इनाम के नाम पर एक APK फाइल भेजी जाती है, जिसे डाउनलोड करते ही ठगों को पीड़ित के मोबाइल की पूरी पहुंच मिल जाती है। APK (Android Package Kit) दरअसल वह फॉर्मेट है, जिसके माध्यम से एंड्रॉइड डिवाइस में ऐप्स इंस्टॉल किए जाते हैं। लेकिन जब यह फाइल किसी अज्ञात या संदिग्ध स्रोत से आती है, तो उसमें छिपा मैलवेयर (वायरस) मोबाइल में घुसकर संवेदनशील जानकारी चुरा लेता है। यह वायरस मोबाइल के कैमरा, माइक्रोफोन, गैलरी, कॉन्टैक्ट लिस्ट, बैंक ऐप्स और यहां तक कि ओटीपी तक की जानकारी एक्सेस कर लेता है। उन्होंने कहा कि मोबाइल लत एक गंभीर समस्या बारे जागरूक किया गया, साथ ही उन्हें मोबाइल स्क्रीन पर समय न गवांकर शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी सुझाव दिए और यह भी बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर–1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। साथ ही थाना प्रभारी ने बताया कि किसी भी लालच में आकर अपने नाम से किसी जान पहचान वाले या अनजान य्यक्ति को सिम या खाता न दे या न बेचे । इसके साथ ही उन्होंने सभी से नशे के बारे में भी बात करते हुए नशे से दूर रहने की अपील की। पुलिस टीमों द्वारा नशे के खिलाफ MANAS पोर्टल 1933 व साइबर अपराध पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने हेतु बारे विद्यार्थियों को जागरूक किया।
