कुरुक्षेत्र, 18 जनवरी 2026 – गुरुकुल कुरुक्षेत्र के संरक्षक, गुजरात एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य श्री देवव्रत जी का जन्मदिवस गुरुकुल में हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग के मार्गदर्शन में विशेष हवन-यज्ञ कराया गया और आचार्यश्री के आरोग्य और दीर्घायु की कामना की गई। प्रकृति प्रेमी राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी जन्मदिवस को यादगार बनाने के लिए उनके सुपुत्र गौरव आर्य, पुत्रवधु कविता चौधरी एवं सुपौत्र आर्यमन के द्वारा गुरुकुल परिसर में ‘पीपल’ एवं प्राकृतिक चिकित्सालय में ‘कल्पवृक्ष’ के पौधे रोपित किये गये। इस अवसर पर गुरुकुल के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार, व्यवस्थापक रामनिवास आर्य, मुख्य संरक्षक संजीव आर्य, अनिल कुमार भी मौजूद रहे।
जिम्नेजियम हॉल में हुए विशेष कार्यक्रम में आचार्यश्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए रामनिवास आर्य ने गुरुकुल को फर्श से अर्श तक पहुंचाने में आचार्य देवव्रत जी के भागीरथ प्रयास को विस्तार से छात्रों के बीच रखा। उन्होंने बताया कि कैसे एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे आचार्य देवव्रत जी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, अनथक प्रयास और संकल्प साधना से जर्जर हो चुके गुरुकुल कुरुक्षेत्र को देश का अग्रणी शिक्षण संस्थान बनाया। बच्चों को संस्कारवान् बनाने की शिक्षा और गोसेवा को जीवन का अभिन्न अंग बनाने वाले साधारण शिक्षक आज देश के दो सबसे बड़े राज्यों के राज्यपाल पद को सुशोभित कर रहे हैं। देश के लाखों किसान आज उनके द्वारा चलाए गये ‘प्राकृतिक खेती मिशन’ से जुड़कर आर्थिक और सामाजिक तौर पर सबल हुए हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि आचार्यश्री के जीवन से प्रेरणा लेकर हमेशा परोपकार के कार्य करें।
