महिला सशक्तिकरण के लिए अभी और काम करने की जरूरत-कल्याण
करनाल, 20 दिसंबर। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि आज आईटी जरुरी है, एआई का समय है। इन सब के माध्यम से आगे बढ़ना है। लेकिन इस बात को भी याद रखना होगा कि आज समाज की असली ताकत उस स्थान पर नहीं है जिस पर उसे होना चाहिए। महिला सशक्तिकरण के लिए अभी और काम करने की जरूरत है।
श्री कल्याण आज यहां रेड कार्पेट लॉन में एक समाचार पत्र की ओर से नारी सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान करने वाली महिलाओं के लिए आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। समारोह में 40 से अधिक महिलाओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। श्री कल्याण ने इस मौके पर कहा कि यह गर्व की बात है कि आज हर प्रतियोगिता अथवा अन्य परीक्षाओं में बेटियां अव्वल आ रही हैं। वे बेटों के मुकाबले बहुतायत में आगे रहती हैं। कठिनाइयों के बाद भी नई ऊंचाईयां छू रही हैं। आज जिन्हें सम्मानित किया गया है उन्होंने भी विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। जिस दिन समाज इस बात की चिंता करेगा कि मेरे परिवार में पैदा हुआ बेटा संस्कारित हो तो बेटियां कहां पहुंचेगी हम कल्पना भी नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि जब नारी सशक्तिकरण की बात होती है तब संस्कृति से जुड़ कर सोचें तो पता चलता है कि नारी शुरू से ही सशक्त है। तभी शब्द पड़ा है-नारी शक्ति। जब मां के विभिन्न रूपों दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी की बात करते हैं तो वे अपनी 87 वर्षीय मां के अंदर भी सभी रूपों को पाते हैं। यह अलग बात है कि कड़ी तपस्या के बाद वे खुद की पहचान न बना पाई, लेकिन आज उनकी(विधानसभा अध्यक्ष) पहचान मां के कारण है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सुनने को मिलता कि फलां गांव से कोई बेटी पहली बार कॉलेज में पढ़ने गई है। हमें वास्तविक तरक्की की ओर बढ़ना है। विकास के पैमाने को मन में ग्रहण करना है। तरक्की के लिए बुनियादी ढांचा जरूरी है। आज आईटी जरुरी है, एआई का समय है। इन सब के माध्यम से आगे बढ़ना है। लेकिन इस बात को भी याद रखना होगा कि आज समाज की असली ताकत उस स्थान पर नहीं है जिस पर उसे होना चाहिए। इस दिशा में काम करने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही अपील की कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए सहभागिता सुनिश्चित करें।
इस मौके पर भाजपा नेता सोहन सिंह राणा, जिला परिषद की प्रवेश कुमारी, डा. सौभाग्य कौशिक, डा. शालिनी शर्मा आदि मौजूद रहे।
श्री कल्याण आज यहां रेड कार्पेट लॉन में एक समाचार पत्र की ओर से नारी सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान करने वाली महिलाओं के लिए आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। समारोह में 40 से अधिक महिलाओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। श्री कल्याण ने इस मौके पर कहा कि यह गर्व की बात है कि आज हर प्रतियोगिता अथवा अन्य परीक्षाओं में बेटियां अव्वल आ रही हैं। वे बेटों के मुकाबले बहुतायत में आगे रहती हैं। कठिनाइयों के बाद भी नई ऊंचाईयां छू रही हैं। आज जिन्हें सम्मानित किया गया है उन्होंने भी विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। जिस दिन समाज इस बात की चिंता करेगा कि मेरे परिवार में पैदा हुआ बेटा संस्कारित हो तो बेटियां कहां पहुंचेगी हम कल्पना भी नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि जब नारी सशक्तिकरण की बात होती है तब संस्कृति से जुड़ कर सोचें तो पता चलता है कि नारी शुरू से ही सशक्त है। तभी शब्द पड़ा है-नारी शक्ति। जब मां के विभिन्न रूपों दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी की बात करते हैं तो वे अपनी 87 वर्षीय मां के अंदर भी सभी रूपों को पाते हैं। यह अलग बात है कि कड़ी तपस्या के बाद वे खुद की पहचान न बना पाई, लेकिन आज उनकी(विधानसभा अध्यक्ष) पहचान मां के कारण है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सुनने को मिलता कि फलां गांव से कोई बेटी पहली बार कॉलेज में पढ़ने गई है। हमें वास्तविक तरक्की की ओर बढ़ना है। विकास के पैमाने को मन में ग्रहण करना है। तरक्की के लिए बुनियादी ढांचा जरूरी है। आज आईटी जरुरी है, एआई का समय है। इन सब के माध्यम से आगे बढ़ना है। लेकिन इस बात को भी याद रखना होगा कि आज समाज की असली ताकत उस स्थान पर नहीं है जिस पर उसे होना चाहिए। इस दिशा में काम करने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही अपील की कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए सहभागिता सुनिश्चित करें।
इस मौके पर भाजपा नेता सोहन सिंह राणा, जिला परिषद की प्रवेश कुमारी, डा. सौभाग्य कौशिक, डा. शालिनी शर्मा आदि मौजूद रहे।
