गृहणियों के लिए होगा विशेष कार्यक्रम, विवि प्रशासन ने 5 कमेटी गठित की
कुरुक्षेत्र, 12 सितंबर। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय आगामी 23 सितंबर को 10वां आयुर्वेद दिवस बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाने जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के आदेशानुसार तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम है-“आयुर्वेद जन-जन के लिए, पृथ्वी के कल्याण के लिए”। कुलपति प्रो. धीमान ने बताया कि इस वर्ष के आयुर्वेद दिवस को खास बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। गृहणियों के लिए आयुर्वेद ज्ञान संवाद कार्यक्रम इस आयोजन की विशेष आकर्षण रहेगा, जिसमें महिलाओं को आयुर्वेदिक जीवन शैली और घरेलू स्वास्थ्य उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कुलपति प्रो. धीमान ने बताया कि इस पूरे आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए पांच समितियां गठित की गई हैं, जो अलग-अलग कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालेंगी। कुलपति ने उम्मीद जताई कि यह आयोजन न केवल आयुर्वेद के महत्व को उजागर करेगा, बल्कि छात्रों, गृहणियों और समाज के हर वर्ग तक आयुर्वेदिक जीवनशैली का संदेश पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर आयोजित बैठक में कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र कुमार तोमर, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. जितेश कुमार पंडा, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो.राजा सिंगला समेत सभी फैकल्टी सदस्य और अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा
आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में दिनभर कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक भगवान धन्वंतरि जी की पूजा होगी। इसकी जिम्मेदारी प्रो. सचिन शर्मा को सौंपी गई है।
सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक विश्वविद्यालय परिसर में चिकित्सा जांच शिविर और पौधरोपण कार्यक्रम होगा। इसकी जिम्मेदारी प्रो. राजा सिंगला निभाएंगे।
सुबह 11:30 से दोपहर 1 बजे तक गृहणियों के लिए आयुर्वेद ज्ञान संवाद कार्यक्रम होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रो. सीमा रानी और योग शिक्षक योगेंद्र कुमार को दी गई है।
इसी समय भारतीय त्योहारों का स्वास्थ्य की दृष्टि से वैज्ञानिक महत्व विषय पर पोस्टर डिस्प्ले प्रतियोगिता भी होगी। इसका संचालन प्रो. दीप्ति करेंगी।
दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आचार रसायन एवं विरुद्ध आहार विषय पर सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी एसोसिएट प्रो. लशिथा और डॉ. मीनाक्षी को सौंपी गई है।
