चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा समेत उत्तर भारत के कई राज्य बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, वर्षा के कारण वीरवार देर रात को हिसार में हुए अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। अब तक प्रदेश में वर्षा की वजह से 27 लोग जान गंवा चुके हैं और 138 मकान जलभराव से ढह चुके हैं। आठ लाख 66 हजार 927 एकड़ कृषि भूमि पर फसल नष्ट हो गई है।
हरियाणा में इस बार मानसून के मौसम में सामान्य से 48 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है। राज्य के 12 जिले भारी बारिश, बाढ़ की स्थिति और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। इनमें फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल रखा है।

इस क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से 2,687 गांवों में हो ने वाले नुकसान को दर्ज किया जाएगा। किसानों अभी तक आठ लाख 66 हजार 927 एकड़ कृषि भूमि पर फसलों के नुकसान की जानकारी दी गई है। 15 सितंबर तक नुकसान तीन से चार गुणा तक दर्ज होने की संभावना है।

हरियाणा सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत उपायों के लिए 3.06 करोड़ रुपये की आरक्षित निधि स्वीकृत की है। हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी और विभाग के मंत्री विपुल गोयल और अधिकारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

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