गुरुग्राम। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनका बैंक खाता खुलवाकर उसे धोखे से बेचने के मामले में साइबर पुलिस ने गुरुग्राम से मंगलवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इनकी पहचान बिहार के नवादा के राहुल उर्फ अभिराम और बंगाल के कृष्णा नगर के आमिर हुसैन के रूप में की गई। पूछताछ में पता चला कि इन्होंने अब तक सौ से ज्यादा खाते अन्य लोगों के माध्यम से ठगों को बेचे।
मोलाहेड़ा में रहने वाले योगेश कुमार ने इस मामले में साइबर थाना पश्चिम में केस दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि वह अनपढ़ हैं और केवल हस्ताक्षर करना जानते हैं। करीब छह महीने पहले उनकी मुलाकात चाइना पार्क के पास कार्टरपुरी के रहने वाले कुलदीप से हुई थी।
उसने बताया था कि उसका अभिराम नाम का एक दोस्त है। वह नौकरी लगवाने में मदद करता है। नौकरी से पहले बैंक में खाता खोलना जरूरी है। कुलदीप के कहने पर वह उसके दोस्त अभिराम के पास बजघेड़ा गया। यहां पर अभिराम ने उनका आधार कार्ड व अन्य कागजात लेकर इंडसइंड बैंक में खाता खुलवा दिया। हालांकि, उसे इसकी कोई किट नहीं दी गई। उसे नौकरी भी नहीं लगवाई गई।
पकड़े गए दोनों आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि ये 50 मेल आईडी बनाकर करीब 100 से ज्यादा बैंक खाते खुलवाकर और प्रत्येक खाते को 10 हजार रुपये में साइबर ठगी करने वाले अपने अन्य साथियों को बेच चुके हैं।
ये गरीब व जरूरतमंदों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनका बैंक खाता खुलवाते थे फिर केवाइसी करके उनकी बैंक किट अपने पास रख लेते थे। पुलिस टीम ने इनके पास से आठ मोबाइल फोन, सात एटीएम कार्ड, दो चेकबुक, 15 सिमकार्ड बरामद किए गए हैं। इन्हें दो दिन के रिमांड पर लेकर साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
